October 25, 2020

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सीएमपीडीआई कोल इंडिया का अभिन्न हिस्सा , इसे अलग नहीं किया जायेगा

राँची:- कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी सीएमपीडीआईएल के पास भू-संरचनात्मक जटिलताओं के रहते हुए भी खनन परियोजनाओं के संबंध में विस्तृत अनुभव है। सीएमपीडीआई ने प्रतिवर्ष 500 मिलियन टन से अधिक कोयले की अतिरिक्त क्षमता सृजित करने के लिए लगभग 700 परियोजनाओं की योजना बनाई है। इसने खानों की पुनर्संरचना में, भूमिगत खदानों को खुली खदानों में परिवत्तिर्त करने में तथा उबड़-खाबड़ भू-भागों इत्यादि के खनन में महारत हासिल की है।

सीएमपीडीआईएल कोयला उत्पादक इकाइयों के लिये योजना और दिशानिर्देश तैयार करने का कार्य करती है और वित्‍तीय वर्ष 2023-24 तक एक बिलियन टन कोयला उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्‍त करने में अहम भूमिका होगी।

कंपनी की परामर्श इकाई सीएमपीडीआई ने वित्‍तीय वर्ष 2019-20 में 7.8 बिलियन टन कोयला उत्‍पादन में सहायक सिद्ध हुआ था। कुल 25 भूगर्भीय रिपोर्ट की तैयारी के माध्‍यम से292 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत खोज के बाद यह संभव हो पाया था।

कोयला के अतिरिक्‍त सीएमपीडीआईएल कोल इंडिया की पर्यावरण अनुकूल एवं मशीनकृत तरीके से कोयले के रखरखाव और उसके गंतव्य तक भेजने की ‘फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी’ परियोजनाओं में तकनीकी परामर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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