October 20, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

दिनकर’ जी ने राष्ट्रीयता के स्वर को बुलंद किया : अमित शाह

नई दिल्ली:- देश के गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के जंयती पर उनको याद करते हुए लिखा, राष्ट्रीय भावनाओं से ओतप्रोत अपनी कविताओं से ‘दिनकर’ जी ने राष्ट्रीयता के स्वर को बुलंद किया। देश के लोकतंत्र पर हुए सबसे बड़े आघात आपातकाल का उन्होंने निडर होकर विरोध किया और उनकी कविता ‘सिंहासन ख़ाली करो कि जनता आती है’ उस आंदोलन का स्वर बनी। राष्ट्रकवि दिनकर को कोटिशः नमन।
इसके साथ ही उन्होंने एक और ट्वीट किया जिसमें लिखा, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी अपनी उपाधि के अनुरूप साहित्य जगत में अपने लेखन के माध्यम से एक सूरज की भांति चमके। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अपनी कलम की शक्ति से अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और आजादी के बाद अपने विचारों से समाज की सेवा की। मालूम हो कि राज्यसभा में भाजपा के सदस्य भूपेंद्र यादव ने बुधवार को संसद भवन के ग्रंथालय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर साहित्य की एक पीठ स्थापित करने का सुझाव दिया। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि 23 सितंबर को बिहार के बेगूसराय जिले के सिमरिया गांव में जन्मे रामधारी सिंह ने हमेशा बिना किसी लाग-लपेट के अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गद्य तथा पद्य विधाओं में महारथ रखने वाले दिनकर द्वन्द्व के कवि माने जाते थे और साहित्य जगत में उनका उल्लेखनीय योगदान है। भूपेंद्र यादव ने कहा कि राज्यसभा के सदस्य रह चुके दिनकर को साहित्य अकादमी पुरस्कार, ज्ञानपीठ सम्मान तथा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। वर्ष 1999 में भारत सरकार ने उनके सम्मान में विशेष डाक टिकट भी जारी किया। यादव ने राष्ट्रकवि दिनकर के नाम पर संसद भवन के ग्रंथालय में साहित्य की एक पीठ स्थापित करने का सुझाव देते हुए कहा कि ऐसा करने से भारतीय भाषाओं में लिखने वाले सांसदों को प्रोत्साहन मिलेगा। सभापति एम वेंकैया नायडू ने इसे एक अच्छा और महत्वपूर्ण सुझाव बताते हुए उम्मीद जताई कि सरकार इस ओर ध्यान देगी।

Recent Posts

%d bloggers like this: