November 1, 2020

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चीनी डॉक्टर का दावा: चीन के साथ-साथ कोरोना वायरस को छिपाने के प्रयास में WHO भी शामिल

नई दिल्ली:- कोरोना वायरस संकट से पूरी दुनिया जुझ रही है। और पूरी दुनिया में तेजी से फैलते कोरोना वायरस ने अब तक करीब 9.75 लाख लोगों की जान ले ली है। चीनी वायरस वैज्ञानिक डॉक्टर ली मेंग यान ने दावा किया है कि खतरनाक कोरोना वायरस वुहान की एक सरकारी लैब में विकसित किया गया था। एक न्यूज चैनल से इंटरव्यू में उन्होंने ये भी कहा कि चीन की सरकार को संक्रमण के फैलाव के बारे में जानकारी थी।
चीन के छिपाने के प्रयास में WHO भी शामिल
चीन की महिला साइंटिस्ट और वायरोलॉजिस्ट डॉ. ली-मेंग यान ने बताया कि उन्होंने वुहान में प्रकोप के छिपाए जाने का पता लगाया था। उनका ये भी दावा है कि है कि सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने से पहले वायरस के फैलाव के बारे में चीन की सरकार को जानकारी थी। डॉक्टर ली मेंग यान के मुताबिक विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इसका हिस्सा है।
चीनी वायरस वैज्ञानिक का सनसनीखेज दावा
सबसे पहले कोरोना वायरस चीन के वुहान में फैला. उसके बाद धीरे-धीरे पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले लिया। वहीं, कोरोना वायरस के वुहान के एक सैन्‍य लैब में बनाए जाने चीन की मशहूर वायरॉलजिस्ट डॉ. ली-मेंग यान ने आरोप लगाया था। उन्होंने कोरोना वायरस की उत्पत्ति के संबंध में कहा कि वुहान के बाजार से फैलने की बात चीनी सरकार की तरफ से पर्दा डालने की कोशिश की है। हांग कांग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में वैज्ञानिक रह चुकीं डॉक्टर ली मेंग यान का आरोप है कि चीन में उनके वरिष्ठों की तरफ से मुंह बंद करने की कोशिश की गई। उन्होंने चीन की सरकार पर सोशल मीडिया, साइबर हमलों के जरिए अपनी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का आरोप लगाया। इससे पहले 14 सितंबर को उन्होंने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कोरोना वायरस को वुहान की लैब में बनाए जाने का दावा किया था। यान लंबे समय से कोरोना वायरस पर शोध कर रही थीं। उन्होंने बताया कि शोध के दौरान उन्हें पता चला कि कोरोना वायरस चीन की एक लैब में विकसित किया गया था।

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