October 29, 2020

अनावरण न्यूज़

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झारखंड में 17572 शिक्षकों की नियुक्ति पर लगा हाईकोर्ट का ग्रहण

राज्य के आरक्षित 13 जिलों के लिए निकाला गया विज्ञापन खारिज

रांची:- झारखंड हाइकोर्ट ने सोमवार को राज्य के आरक्षित 13 जिलों के हाई स्कूलों में 17,572 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए निकाले गये विज्ञापन को खारिज कर दिया है। पलामू के हाई स्कूल की टीचर सोनी कुमारी एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एचसी मिश्रा की अध्यक्षता वाली झारखंड हाइकोर्ट की लार्जर बेंच ने यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ता की दलील थी कि राज्य सरकार ने हाई स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति में राज्य के 13 जिले को स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित कर दिया है, जो संविधान के प्रावधानों के विरुद्ध है। दरअसल, राज्यपाल ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें 13 जिलों को शेड्यूल एरिया और 11 जिलों को नॉन-शेड्यूल एरिया बताया गया था।
इस नोटिफिकेशन में कहा गया था कि शेड्यूल एरिया में सिर्फ उसी जिले के अभ्यर्थी हाई स्कूल में नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे। नॉन-शेड्यूल एरिया के 11 जिलों में किसी को भी आवेदन करने की छूट दी गयी। सरकार ने इसी नोटिफिकेशन के आधार पर 17,572 शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के तहत विज्ञापन जारी किया। याचिकाकर्ता ने सरकार के इस विज्ञापन को संविधान के खिलाफ बताया। कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले से इन जिलों में 100 प्रतिशत आरक्षण लागू हो जाता है, जिसकी इजाजत संविधान नहीं देता। सरकार के इस आदेश को रद्द किया जाये। एक साल पहले 18 सितंबर, 2019 को झारखंड हाइकोर्ट ने हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पर एक महीने के लिए रोक लगा दी थी। तत्कालीन चीफ जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने पहली नजर में राज्य सरकार के उस फैसले को गलत माना, जिसके तहत 13 जिलों को सिर्फ स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे लार्जर बेंच में रेफर कर दिया था।

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