October 22, 2020

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मजदूरों के जनहित के हितों में जो दिशानिर्देश है कंपनियां उनको त्वरित गति से माने : केएन त्रिपाठी

जमशेदपुर:- दिनांक 22 सितंबर दिन मंगलवार को लौहनगरी जमशेदपुर के प्रवास के दौरान श्री के० एन० त्रिपाठी जी झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री सह राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष इंटक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष आर० सी० एम० एस० स्थानीय परिसदन भवन में पत्रकारों को संबोधित करने के क्रम में उक्त बातें कहीं!

उन्होंने संबोधन में कहा कि आज यहां जमशेदपुर के जो इंटक के कार्यकर्ता व पदाधिकारीयों की यूनिट है उनसें इस कोरोनाकाल मे मिलने -जुलने आए हैं!मजदूरों के प्रति स्थानीय कंपनियां,इंडस्ट्रीज व फैक्ट्रीयों की क्या व्यवहार व परेशानी है उससे रूबरू होने एवं सुनने-जानने के लिए जमशेदपुर आए हैं।

यहां दो महत्वपूर्ण बात है जो जमशेदपुर के इंटक के यूनिट ने बताया कि इस कोरोनाकाल मे जो बडी कंपनियां यहां चल रही हैं जैसे टाटा मोटर्स, टाटा कम्युनिकेशन, टाटा कमिंस आदि अन्य बडे कंपनियाँ के लोगों जो ज्यादातर छोटे पार्ट्स का उत्पादन(प्रोडक्शन) करती हैं जिससे लोगों को बडे पैमाने, व्यापक स्तर पर रोजगार मिलते थे लेकिन अब ये बाहर से पार्ट्स मंगवाते है।जिसका कुप्रभाव यहाँ के मजदूरों के उपर पड रहा है।यहाँ के कंपनियों को यह प्रयास करना चाहिए कि जो पार्ट्स यहां बन रहे हैं वो पार्टस यहां के स्थानीय मजदूरों से बनवानी चाहिए क्योकि यहाँ संपूर्ण व्यवस्था व इंडस्ट्रीज हैं।

मै झारखंड सरकार को कहना चाहता हूं कि इन कंपनियों से पार्ट्स का विवरण मंगवा लिजिए कि कौन-कौन सा पार्टस यहां बनते हैं और कौन सा पार्टस बाहर या अन्य राज्यों से मंगवाते है। इन छोटे पार्ट्स का निर्माण यहाँ हो सके।

उन्होंने मजदूरों के हितों के प्रति कहा कि झारखंड सरकार के पास श्रम कानून के तहत बहुत ऐसे दाँत (नियम-कानून) है जिससे वो इन कंपनियों को सरकार के मजदूरों के जनहित के दिशानिर्देशों का पालन कराने के लिए कंपनियों को बाध्य कर देगीऔर कंपनियां स्वतः इसे मानेगी।मै इसके लिए आपको आश्वस्त करता हूँ।

इस कोरोनाकाल मे दूसरा महत्वपूर्ण विषय है जो लोगों ने बताया कि कुछ कंपनियां मजदूरों से एक दिन में 08 घंटों के बजाय12,14 से 16 घंटों तक काम करवा रही हैं।जिसमें टिस्को से लेकर के आँटोमोबाईल तक की कंपनियां की शिकायत आ रही हैं।मै इन कंपनियों से आग्रह कर रहा हूँ कि आपने अभी तक जो काम आप करवा लिए हैं , उन मजदूरों को आप एक्स्ट्रा इनसेंटिव दे दें और नियम के विरुद्ध कार्य नहीं कराए।इस कोरोनाकाल मे भारत सरकार ने यह नहीं कहा है कि पहले के नियमों एवं पहले से बने हुए लेबर लाँ के नियमों का उल्लंघन करने के लिए कतई व कदापि नहीं कहा है।भारत सरकार के नियमों में यह उल्लेखित है कि आप एक तिहाई मजदूरों को बुलाए भले ही आपका प्रोडक्शन हो अन्यथा नहीं हो।लेकिन आप एक दिन में एक व्यक्ति से 08 घंटे के बजाय 14,16 से 18 घंटे तक काम कराते रहे हैं।उसके भविष्य का ध्यान नहीं रखे? , उसके स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखे ? , उसे अधमरा (एक्जास्ट) कर दें।इससे उसके शरीर एवं मन पर बुरा प्रभाव पडेगा।इसको कंपनियां त्वरित गति से रोकें।टिस्को 12 घंटों के काम को रोकें।खासतौर पर टिस्को जैसी बडी कंपनियां से शिकायत की उम्मीद नहीं थीं।कुछ छोटे कंपनियां16 -16 घंटे तक काम ले रही हैं।मजदूर घर से 08 बजे काम करने के लिए जा रहे हैं और रात 10 बजे घर आ रहे हैं।यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।यदि कंपनियां नहीं मानेंगे तो हमलोग सरकार से कार्यवाई के लिए आग्रह करेंगे और सरकार उस पर कार्रवाई करेगी।

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