October 23, 2020

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ट्रेन की चपेट में आकर हाथी की मौत पर रेलवे और वन विभाग में ठनी

मामले में वन विभाग ने मालगाड़ी के चालक व गार्ड पर प्राथमिकी दर्ज करायी

चाईबासा:- झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर और मंझारी में बीते दो दिनों में दो हाथियों की मौत वन विभाग और रेलवे आमने-सामने हो गये हैं। चक्रधरपुर रेल मंडल के वाणिज्य पदाधिकारी मनीष पाठक ने वन विभाग पर हाथियों की सूचना नहीं देने का आरोप लगाया। वहीं सारंडा के डीएफओ रजनीश कुमार ने रेलवे पर सूचना देने के बावजूद तेज रफ्तार में ट्रेन चलाने का आरोप लगाया। डीएफओ ने कहा कि सारंडा एलिफेंट जोन है और रात्रि में ट्रेन को तेज हॉर्न बजाते हुए धीमी गति से गुजरना है, लेकिन रेलवे एलिफेंट जोन में भी 110 किमी की रफ्तार से ट्रेन चलवा रही है, जिससे यह घटना हुई। इस मामले में वन विभाग ने मालगाड़ी के चालक व गार्ड पर प्राथमिकी दर्ज करायी है। गत 17 सितंबर की रात 9 बजे मनोहरपुर और जरायकेला स्टेशन के बीच मालगाड़ी की चपेट में आकर एक हाथी की मौत हो गयी। रात 9.15 बजे हाथियों का एक झुंड रेलवे लाइन पार कर रहा था। तभी ये हादसा हुआ। इस दौरान हाथी दूर तक पटरी पर घिसटता चल गया। इससे ईंजन का पेंटो और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए।
18 सितंबर को मंझारी में जंगली हाथी को बिजली का करंट देकर मार डाला गया। और उसके दोनों दांत निकाल लिये गये। इस घटना की जानकारी ग्रामीणों ने वन विभाग को दी, जिसके बाद वन विभाग के अधिकारी घटना स्थल पहुंचे और जांच आरंभ कर दी है। घटना चाईबासा से 30 किमी दूर ओडिशा सीमा के पास दुधबिला जंगल की है। हाथी की हत्या से ग्रामीण भी दुखी और नाराज दिखे। मृत हाथी के शव का ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना की। दो दिन में दो हाथियों की मौत से वन विभाग भी काफी चिंतित दिखा। वन विभाग ने केंद्र और राज्य सरकार से कोल्हान में हाथियों की सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने की मांग की है। गौरतलब है कि इन दिनों हाथियों का भ्रमण शुरू हो चुका है। बंगाल, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों के हाथी सारंडा के रास्ते भ्रमण करते हैं। लिहाजा हाथी के दांत के लिए तस्कर भी सक्रिय हो गए हैं।

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