October 24, 2020

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आरबीआई ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड से जुड़े नियमों में किया बदलाव

नई दिल्ली:- बैंकों की शीर्ष नियामक संस्था भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा परिवर्तन किया है। यह नियम 30 सितंबर से लागू होंगे। अगर आप डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो उसमें आने वाली परेशानी से बचने के लिए इन बदलावों के बारे में जानना जरूरी है। ये नियम बहुत पहले लागू होना था लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते इन नियमों को टाल दिया गया। अब इसकी डेडलाइन 30 सितंबर तय कर दी गई है। डेबिट और क्रेडिट कार्ड से किए गए खर्च को लेकर आरबीआई द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस साल देश में जून के महीने में लोगों ने 42,818 करोड़ रुपए की खरीदारी क्रेडिट कार्ड के जरिए की, जबकि इस साल जनवरी में क्रेडिट कार्ड से 67,000 करोड़ रुपए की शॉपिंग हुई थी। अगर ट्रांजैक्शन के हिसाब से देखें, तो जून के महीने में 12.5 करोड़ बार लेन-देन के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल हुआ, जबकि कोरोना और लॉकडाउन के पहले जनवरी के महीने में 20.3 करोड़ बार क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया गया। वही, अगर डेबिट कार्ड की बात करें तो जनवरी के महीने में 45.8 करोड़ बार डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया गया जबकि जून में 30.2 करोड़ बार डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया गया। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, देश में प्रत्येक 15 डेबिट कार्ड पर एक क्रेडिट कार्ड है।
जानिए किस तरह के नियमों में हो रहा है बदलाव अब आपको इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन, डोमेस्टिक ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, कॉन्टैक्टलेस कार्ड से ट्रांजैक्शन के लिए आपको अपनी प्रायोरिटी (प्राथमिकता) दर्ज करनी होगी। कहने का मतलब ये हुआ कि आपको जो सर्विस चाहिए, उसके लिए आपको अप्लाई करना होगा। आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी करते वक्त अब ग्राहकों को घरेलू ट्रांजैक्शन की अनुमति देनी चाहिए। इसका मतलब ये हुआ कि अगर जरूरत नहीं है तो एटीएम मशीन से पैसे निकालते और पीओएस टर्मिनल पर शॉपिंग के लिए विदेशी ट्रांजैक्शन की मंजूरी नहीं दी जाए। ग्राहकों को यह सुविधा मुहैया कराई जाए कि वो कभी भी अपने कार्ड पर विदेशी ट्रांजैक्शन की सुविधा ले सकते हैं। अपने कार्ड पर कोई भी सर्विस एक्टिवेट करने या हटाने का अधिकार भी ग्राहक को दिया जाए। यानी ग्राहकों को कौन सी सर्विस एक्टीवेट करनी है और कौन सी सर्विस डीएक्टीवेट करनी है इसका फैसला खुद करें। नए नियमों के बाद ग्राहक दिन में किसी भी वक्त अपने ट्रांजैक्शन की लिमिट को बदल सकते हैं। अब आप मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम मशीन या आईवीआर के जरिए कभी भी अपने कार्ड की लिमिट बदलाव कर सकते हैं।

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