October 25, 2020

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‘राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिनियम’ बनाने की तैयारी कर रही मोदी सरकार: डॉ.हर्षवर्धन

नई दिल्ली:- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार महामारी सहित अन्य जैविक आपात स्थिति एवं स्वास्थ्य संबंधी विषय को लेकर समग्र एवं समावेशी ‘राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिनियम’ बनाने की तैयारी कर रही है। राज्यसभा में सोमवार को महामारी (संशोधन) विधेयक 2020 पर हुई चर्चा के जवाब में यह बात कही।मंत्री के जवाब के बाद महामारी (संशोधन) विधेयक 2020 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि महामारी तथा स्वास्थ्य संबंधी अन्य आपात परिस्थितियों से जुड़ी काफी चीजें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं कानून के तहत कवर होती हैं। उन्होंने बताया, पिछले 3-4 वर्षों से मोदी सरकार लगातार जैविक आपात स्थिति, महामारी जैसे विषयों से निपटने के बारे में समग्र एवं समावेशी पहल अपना रही है।डॉ. हर्षवर्धन ने कहा,इस दिशा में सरकार, राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिनियम’बनाने पर काम कर रही है।इस बारे में विधि विभाग ने राज्यों के विचार जानने का सुझाव दिया था।प्रारंभ में हमें सिर्फ चार राज्यों मध्यप्रदेश, त्रिपुरा, गोवा और हिमाचल प्रदेश से सुझाव मिले। हाल ही में इस बारे में 10 अन्य राज्यों से सुझाव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार 14 राज्यों से हमें सुझाव मिल चुके हैं।’’इसके पहले, कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने जितना अधिक प्रभावित किया है, उतना किसी अन्य बीमारी ने नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह काफी छोटा संशोधन है। कोरोना संक्रमण काल में स्वास्थ्य कर्मियों ने जो कार्य किए हैं, वह सराहनीय हैं। लेकिन पुलिस कर्मी, रक्षा कर्मी एवं कुछ अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों ने भी काफी अच्छा काम किया है, उन्हें भी समर्थन दिये जाने की जरूरत है। शर्मा ने कहा कि सरकार को महामारी से जुड़े विषय पर एक कार्य बल का गठन करना चाहिए जिसमें अन्य लोगों के अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, वैज्ञानिक समुदाय से जुड़े लोगों को शामिल किया जाना चाहिए। इसमें राज्यों से भी सुझाव लिया जाए और भविष्य में महामारी को लेकर एक ठोस प्रबंधन का ढांचा तैयार किया जाए।

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