October 20, 2020

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होटल लक्ष्मी विलास: CBI कोर्ट में सुनवाई, उदयपुर जिला प्रशासन ने मांगी जांच की मोहल्त

जोधपुर:- बहुचर्चित उदयपुर की लक्ष्मी विलास होटल के केस पर आज जोधपुर सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें उदयपुर जिला प्रशासन ने कोर्ट से जांच के लिए कुछ और समय की मांग की। जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए दस दिन का समय दिया है। उदयपुर जिला प्रशासन की तरफ से कोर्ट में अंतरिम रिपोर्ट पेश की गई है। कलेक्टर के प्रतिनिधि के तौर पर जिला परिषद शैलेश सुराणा ने यह अंतरिम रिपोर्ट पेश की। अब अदालत में दस दिन बाद फिर कंपलिट रिपोर्ट पेश की जाएगी। कोर्ट के आदेश के बाद उदयपुर जिला प्रशासन होटल की संपत्ति का सत्यापन करने में लगा है। कोर्ट ने उदयपुर जिला प्रशासन को होटल की रिसीवरी लेने के लिए आदेश जारी किए थे। जिसके चलते आज तीसरे दिन अंतरिम रिपोर्ट पेश की गई।

यह है मामला:

उदयपुर की प्रसिद्ध लक्ष्मी विलास पैलेस होटल को वर्ष 2002 में औने-पौने दामों में बेचकर सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाने के मामले में सीबीआई की विशेष कोर्ट जोधपुर के जज पूरण कुमार शर्मा ने प्रसंज्ञान लेते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण शौरी, पूर्व व अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। साथ ही कोर्ट ने होटल को उदयपुर कलेक्टर को कुर्क करने के भी आदेश दिए हैं, यह होटल कोर्ट का फैसला आने तक कुर्क रहेगी। विनिवेशन मंत्रालय के तत्कालीन सचिव प्रदीप बेजल के लोक सेवक के रूप में कार्यरत रहते हुए अपनी पदीय स्थिति का दुरुपयोग कर लाजार्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली के तत्कालीन मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष गुहा, मैसर्स कांतिलाल कर्मसे कंपनी मुंबई व भारत होटल लिमिटेड नई दिल्ली के अधिकृत प्रतिनिधि व भारत सरकार के अज्ञात अधिकारियों व निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर मैसर्स लक्ष्मी विलास पैलेस होटल उदयपुर, जो कि आईटीडीसी नई दिल्ली की ईकाई थी, के विनिवेशन के संबंध में आपराधिक षडयंत्र रचकर भारत सरकार को 143. 48 करोड़ रुपए की सदोष हानि पहुंचाई। सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी तथा सीबीआई ने जांच कर अंतिम रिपोर्ट पेश की।
सीबीआई ने पहले नहीं माना था कोई अपराध:
कोर्ट ने 13 अगस्त 19 को आदेश पारित कर अग्रिम अनुसंधान के लिए यह मामला सीबीआई को लौटाया था। जिस पर सीबीआई की ओर से पुराने तथ्यों को दोहराते हुए पुन: पूरक अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की। कोर्ट ने प्रस्तुत रिपोर्ट का अवलोकन किया। प्रस्तुत प्रकरण में तीन वर्षों से घाटे में चल रही लक्ष्मी विलास पैलेस होटल को विनेवशन मंत्रालय द्वारा न्यूनतम मूल्य 6 करोड़ 32 लाख रुपए निर्धारित कर मैसर्स भारत होटल लिमिटेड को 7 करोड़ 52 लाख रुपए में बेचने का निर्णय कर दिया गया।

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