October 30, 2020

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किसान बिल के खिलाफ किसानों के समर्थन में उतरे सिद्धू, ट्विटर पर लिखा- अस्तित्व पर हमला बर्दाश्त नहीं..

नई दिल्ली:- केंद्र सरकार के किसान बिल के विरुद्ध पंजाब और हरियाणा में किसानों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने सालभर के लंबे अंतराल के बाद ट्विटर पर इस मुद्दे पर लड़ाई छेड़ी है। उन्होंने कहा है कि पंजाबी अस्मिता पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिद्धू ने पंजाबी में ट्वीट किया, “किसानी पंजाब दी रूह, सरीर दे घाव भर जांदे हन, पर आत्मा ते वार, साडे अस्तित्व उत्ते हमला बर्दाश्त नहीं, जंग दी तूती बोलदी ऐ- इंकलाब ज़िन्दाबाद, पंजाब, पंजाबियत ते हर पंजाबी किसानां दे नाल।” इसका मतलब है, “किसानी पंजाब की रूह (आत्मा) है…शरीर के घाव भर जाते हैं, पर आत्मा पर वार…हमारे अस्तित्व पर हमला बर्दाश्त नहीं, युद्ध का बिगुल बोलता है- इंक़लाब ज़िन्दाबाद। पंजाब, पंजाबियत और हर पंजाबी किसान के साथ।”
सिद्धू ने दूसरे ट्वीट में केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और लिखा है, “सरकारें तमाम उम्र यही भूल करती रही, धूल उनके चेहरे पर थी, आईना साफ करती रही।”
लोकसभा में दो किसान बिल पारित होने के बाद सियासत गरमा गई है। बीजेपी की सहयोगी अकाली दल की मंत्री हरसिमरत कौर ने मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नौटंकी करार दिया है। उधर, पंजाब और हरियाणा में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। किसान इस बिल को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। किसानों को डर है कि नए किसान कानून से उन्हें फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल सकेगा।

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