October 22, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

गढ़ होते हुए भी कांग्रेस के ‘हाथ’ से निकलता रहा बांका

अब जिला कांग्रेस अध्यक्ष को दो सीटें जीतने की उम्मीद

बांका:- कभी बांका जिला कांग्रेस का गढ़ रहा था। जब पार्टी का पूरे प्रदेश सहित जिले में दबदबा था तब यहां से प्रतिनिधित्व करने वाले चंद्रशेखर सिंह मुख्यमंत्री बने तो शिवचंद्र झा विधानसभा के अध्यक्ष तक बने। यही नहीं यहां से जीतने वाले कांग्रेस के विधायक सूबे के कैबिनेट में भी प्रतिनिधित्व रहा था। लेकिन जिले में 1995 के बाद से कांग्रेस का प्रतिनिधित्व नहीं रहा है। आज हालात ऐसे हैं कि जिले की पांच विधान सभा और लोक सभा सीट पर जीत का स्वाद चखे तीन दशक हो गए। इस बाबत जिले के राजनीति जानकार बताते हैं कि कांग्रेस के कोर वोट बैंक में लालू की पार्टी की सेंधमारी बढ़ने के साथ ही सामान्य वर्ग का झुकाव भाजपा की ओर होने से ऐसे हालात बने। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संजीव सिंह पार्टी को पूर्व स्थिति में लाने के लिये सांगठनिक रूप से कार्य करने की बात कहते हुए आगामी विधान सभा चुनाव में अच्छी स्थिति में होने का दावा कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने बताया कि विधान सभा चुनाव में पार्टी गठबंधन के साथ जिले की कम से कम दो सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। उन्होंने कहा कि चुनाव में गठबंधन बहुत अच्छी स्थिति में रहेगी। वहीं, बांका के विधायक और राजस्व मंत्री रामनारायण मंडल की मानें तो कांग्रेस पहले थी जो अब इतिहास की बात हो गयी है। कांग्रेस पूरी तरह से खत्म हो गयी है उसका कोई नामलेवा भी नहीं है।

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