September 21, 2020

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दुमका, बेरमो विधानसभा उपचुनाव के लिए जेएमएम-कांग्रेस उम्मीदवार तय, औपचारिक घोषणा शेष

दिवंगत राजेंद्र प्रसाद सिंह की पत्नी पहली ने कहा-पति बड़े पुत्र को विधायक के रूप में देखना चाहते थे

रांची:- भारत निर्वाचन आयोग की ओर से बेरमो और दुमका विधानसभा उपचुनाव को लेकर तिथि की घोषणा अभी नहीं की गयी है, लेकिन उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है। इन दोनों सीटों के लिए सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस उम्मीदवार के नाम पर लगभग सहमति बन गयी है और अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है।
दुमका विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के त्यागपत्र के कारण हो रहा है। हेमंत सोरेन ने वर्ष 2019 के दिसंबर में हुए चुनाव में दुमका के अलावा बरहेट से भी चुनाव में जीत हासिल की थी, लेकिन संवैधानिक बाध्यता के कारण उन्हें एक सीट छोड़नी थी और उन्होंने दुमका सीट से त्यागपत्र दिया। यहां से हेमंत सोरेन के छोटे भाई बसंत सोरेन पिछले कई महीने से सक्रिय है और अब जब मुख्यमंत्री दुमका के तीन दिवसीय दौरे पर है, तो बसंत सोरेन भी लगातार उनके साथ नजर आ रहे है, मुख्यमंत्री अपने छोटे भाई बसंत सोरेन को ही भावी उम्मीदवार के रूप में सभी के सामने पेश कर रहे है।
इधर, बेरमो विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे राजेंद्र प्रसाद सिंह के निधन के कारण हो रहा है। उनके दोनों पुत्र कांग्रेस संगठन में सक्रिय है, जिसके कारण यह चर्चा जोरों पर थी कि उम्मीदवारी के मसले पर पहले घर में ही विवाद सुलझाना होगा, परंतु प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सह राज्य के वित्तमंत्री डाॅ. रामेश्वर उरांव के दो दिवसीय बेरमो विधानसभा क्षेत्र के दौरे क्रम में दिवंगत राजेंद्र प्रसाद सिंह की पत्नी रानी सिंह भी पहली बार कांग्रेस के सार्वजनिक मंच पर आयी। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में साफ किया कि उनके पति की इच्छा थी कि वे अपने बड़े पुत्र जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह को विधायक के रूप में देखना चाहते थे, वे 2019 का चुनाव भी खुद लड़ना नहीं चाहते थे और बेटे को ही चुनाव लड़वाना चाहते थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व के निर्देश के कारण उन्हें चुनाव लड़ना पड़ा था। दिवंगत राजेंद्र प्रसाद सिंह की पत्नी के इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि उम्मीदवारी के मसले पर परिवार के अंदर कोई विवाद नहीं है। इस तरह से अब दुमका और बेरमो विधानसभा उपचुनाव के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन में उम्मीदवार के नाम लगभग तय हो गये है और सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है।
इधर, राज्य में मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी उपचुनाव की तैयारियों में जुट गयी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी समेत अन्य नेताओं का लगातार दुमका दौरा हो रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार लुईस मरांडी ने हेमंत सोरेन को कड़ी टक्कर दी थी और ऐसा माना जा रहा है कि उपचुनाव में भी बीजेपी फिर से उन्हें ही उम्मीदवार बनाएगी। वहीं बेरमो विधानसभा में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और तीन बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके योगेश्वर महतो बाटुल टिकट के प्रबल दावेदार है, वहीं इस सीट पर एनडीए घटक दल में शामिल आजसू पार्टी की ओर से भी दावेदारी की जा रही है।

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