September 21, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

फर्जी कागजातों के आधार पर धड़ल्ले से हो रहा जमीन का खरीद-फरोख्त

बिना कागजात के भू माफिया कर रहे रयत की जमीन का घेराबंदी, थाना वाले खामोश

गिरिडीह:- फर्जी कागजातों के आधार पर जमीन के अवैध कारोबार का धंधा जिला मुख्यालय में चरम पर है। जाली कागजातों के आधार पर रजिस्ट्री कार्यालय कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी रजिस्ट्री और खरीद-ब्रिकी भी खूब हो रही है। इससे जुड़े खबर को कई अखबारों ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था।

जानकारी के अनुसार जाली कागजात पर जमीन खरीद-ब्रिकी का सारा मामला करीब एक सालों से जिला मुख्यालय के पचंबा थाना इलाके में बड़े जोर-शोर से हो रहा है। इसकी बानगी दुसरे दिन ही देखने को मिली। जब पचंबा के सूबोध कुमार ने रविवार को जाली कागजात पर उनके जमीन को हड़पने का जो दस्तावेज उपलब्ध कराया। वह काफी चाौंकाने वाला था।

जानकारी के अनुसार सदर अचंल से रैयतदारों को मिलने वाला म्यूटेशन शुद्धि पत्र और लगान रसीद तक जाली तैयार कर खरीद-ब्रिकी कर दिया गया।

दरअसल, इन जाली कागजातों के आधार पर पचंबा थाना इलाके में जमीन के अवैध कारोबार का धंधा इस कदर बढ़ चुका है कि पचंबा थाना पुलिस जमीन विवाद के निपटारे से निकल नहीं पा रही। या इसे दूसरी और क्या कहेंगे तो निकलना ही नहीं चाहती।जमीन विवाद में जो उन्हें मोटी कमाई मिलती है वह और कहीं नहीं मिल सकती।

इस क्षेत्र में भू माफियाओं का बोलबाला है।जिसे आप आए दिन थाना के इर्द-गिर्द चक्कर लगाते देख सकते हैं। दिखेंगे सफेद लिबास में लेकिन धंधा इनका काला है।

कमोवेश, यह स्थिति करीब डेढ़ सालों से चल रहा है। जमीन के इस विवाद के कारण पचंबा थाना इलाके में दर्जन भर खूनी संघर्ष तक हो चुका है। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

इधर सदर अचंलाधिकारी रवीन्द्र सिन्हा भी इस बात को मानते है कि पचंबा में एक गिरोह ही म्यूटेशन पेपर और लगान रसीद जाली तैयार कर इलाके के भूमाफियाओं को बेच रहा है। लिहाजा, यही कारण है कि पचंबा थाना क्षेत्र में जमीन का अवैध कारोबार काफी बढ़ चुका है। क्योंकि इससे पहले पचंबा के कई ऐसे मामले सामने आए हैं। जिसमें जमीन के वास्तविक मालिक के प्लाॅट को कब्जा करने का प्रयास किया गया।

प्लाॅट मालिक जब पूरे दस्तावेज लेकर सामने आए। और अचंलाधिकारी ने जांच किया। तो पता चला कि भूमाफियाओं द्वारा जिस म्यूटेशन पेपर और लगान रसीद को दिखाया जा रहा है। उनके क्रमांक नंबर सदर अचंल के कार्यालय से मेल ही नहीं खा रहे हैं।

इसके बाद ही सीओ ने पाया कि पचंबा से बोड़ो के बीच दो सफेदफोशों का एक गिरोह ही यह कारनामा काफी दिनों से कर रहा है।
दरअसल, सूबोध कुमार ने साल 2016 में एक प्लाॅट खरीदा था। अब उसी प्लाॅट को लखारी के किसी ठाकुर वर्मा ने जाली लगान रसीद तैयार कर अपना कब्जा जताने लगे।

इस दौरान जब प्लाॅट खरीदने का दावा कर रहे सूबोध कुमार ने अचंल कार्यालय में आरटीआई मांग कर लगान रसीद का ब्यौरा निकाला।

तो पूरे ब्यौरे में जाली लगान रसीद का क्रमांक नंबर अचंल कार्यालय द्वारा दिए गए ब्यौरे से मेल नहीं खा रहा था। इसके बाद ही स्पस्ट हुआ कि पचंबा में अब झारखंड सरकार का जाली लगान रसीद और म्यूटेशन पेपर तक बनाया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त भू माफियाओं की हौसला इतना ज्यादा बढ़ गया है कि बिना कागजात के भी वह किसी की जमीन पर बा-जबरदस्ती थाना को अपने सपोर्ट में लेकर कब्जा जमा रहे हैं। पचम्बा थाना के कुछ लोग मिलीभगत होकर जमीन घेरवाने में मदद भी कर रहे हैं।
इधर सीओ सिन्हा ने कहा कि जल्द ही पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किया जाएगा।

Recent Posts

%d bloggers like this: