September 23, 2020

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बैंकों को आईटी द्वारा एक स्वचलित संपत्ति वर्गीकरण और प्रावधान निर्धारण प्रक्रिया को अपनाना चाहिए

मुंबई:- कुछ बैंकों द्वारा फंसे कर्ज का नियमों के मुताबिक गणना कर उसकी पहचान करने से चिंतित रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंकों को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) आधारित प्रणाली के द्वारा एक स्वचलित संपत्ति वर्गीकरण और प्रावधान निर्धारण प्रक्रिया को अपनाना चाहिए।आरबीआई ने एक सर्कुलर में कहा है कि अगस्त 2011 में बैंकों को गैर- निष्पादित संपत्ति (एनपीए) की पहचान करने और नियामकीय रिपोर्टिंग और बैंक के खुद के प्रबंधन सूचना प्रणाली की जरूरतों के लिए संबंधित आंकड़े और रिटर्न तैयार करने के वास्ते उपयुक्त आईटी प्रणाली स्थापित करने की सलाह दी गई थी। रिजर्व बैंक ने कहा है कि लेकिन देखा गया है कि एनपीए की पहचान, आय की पुष्टि, जरूरी प्रावधान और संबंधित रिटर्न तैयार करने के मामले में कई बैंकों में न अभी तक पूरी तरह से इस स्वचलित नहीं किया है। रिजर्व बैंक ने इस काम के लिए बैंकों को 30 जून 2021 तक का समय दिया है। केन्द्रीय बैंक ने बैंकों से कहा है कि वह अपने सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली को अद्यतन करें ताकि संपत्ति वर्गीकरण को स्वचलित को एकरूपता दी जा सके। इसके साथ ही जरूरी प्रावधान की गणना और आय की पुष्टि की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। सकुर्लर में कहा गया है कि बैंक का निवेश भी इस प्रणाली में कवर होना चाहिए। रिजर्व बैंक ने कहा है कि सपत्ति वर्गीकरण के नियमों को प्रणाली में शामिल किया जाना चाहिए।

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