October 27, 2020

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टेरर फंडिंग मामले में दो अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज

रांची:- टेरर फंडिंग मामले में अभियुक्त मनोज यादव और प्रदीप राम को हाई कोर्ट से झटका लगा है। झारखंड हाई कोर्ट ने टेरर फंडिंग मामले में इन दोनों अभियुक्‍तों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। हाई कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। मनोज यादव राम कृपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी का पूर्व कर्मचारी है। यह नक्सली संगठनों के लिए लेवी वसूलता था। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दिन अदालत ने मनोज और प्रदीप राम की जमानत पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। मनोज यादव और प्रदीप राम टेरर फंडिंग मामले के प्रमुख अभियुक्त हैं। झारखंड के हाइकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एचसी मिश्रा और जस्टिस राजेश कुमार की खंडपीठ ने अभियुक्तों की जमानत पर सुनवाई हुई। मनोज कुमार की गिरफ्तारी 6 लाख और अन्य दस्तावेज के साथ हुई थी। मनोज पर आरोप है कि उसने भाकपा माओवादी के नक्सली कृष्णा हांसदा के निर्देश पर ठेकेदारों से लेवी वसूल की थी।जांच के दौरान यह पता चला कि गिरफ्तार आरोपी मनोज कुमार रामकृपाल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का कर्मचारी भी रह चुका है। वह गिरिडीह इलाके में कंस्ट्रक्शन फर्म और माओवादियों के बीच मध्यस्थता का काम करता था।
इसका खुलासा तब हुआ, जब मनोज भाकपा माओवादी को 6 लाख रुपये का लेवी भुगतान करने जा रहा था। इसी दौरान उसे पकड़ लिया गया। भाकपा माओवादी द्वारा एकत्र की गयी लेवी की राशि का उपयोग हथियारों और गोला-बारूद, विस्फोटकों की खरीद, माओवादी के प्रभाव को बढ़ाने के लिए नये कैडर की भर्ती और सुरक्षा में खलल डालनेवाली गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है और देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआइए इस मामले में जांच कर रही है।

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