October 25, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

चीन का रिमोट सेंसिंग गोफेन 02-सी सैटेलाइट प्रक्षेपण में चूका, लगा बड़ा झटका

पेइचिंग:- चीन को अपने अंतरिक्ष अभियान में बड़ा झटका लगा है उसका रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट जिलिन-एक गोफेन 02-सी शनिवार को कक्षा में पहुंचने से चूक गया। इस सैटेलाइट को स्थानीय समयानुसार शनिवार दोपहर एक बजकर दो मिनट पर जिकुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से कुआझु-1ए राकेट से लॉन्च किया गया था। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार प्रक्षेपण केंद्र ने कहा कि रॉकेट के असामान्य प्रदर्शन के चलते यह अभियान असफल रहा। केंद्र ने कहा कि विफलता के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।
पिछले सोमवार को अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट गॉफन 11 की लॉन्चिंग के दौरान चीनी वैज्ञानिकों की लापरवाही से एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची। लॉन्चिंग के दौरान ही रॉकेट लॉन्ग मार्च 4 बी का बूस्टर अचानक ही आसमान से एक स्कूल के पास आकर गिर गया। गनीमत रही कि इस दौरान किसी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। ये बूस्टर्स अत्यंत ज्वलनशील जेट फ्यूल से भरे होते हैं, जो किसी घातक मिसाइल जितनी चोट पहुंचा सकते हैं। आमतौर पर जब कोई सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजा जाता है तो उसके रॉकेट को शक्ति देने वाले बूस्टर्स को लेकर खासी सावधानी बरती जाती है। ये बूस्टर्स रॉकेट को धरती के गुरुत्वाकर्षण बल से बाहर लेकर जाते हैं। जब इन रॉकेट्स का काम या इनका फ्यूल खत्म हो जाता है तो इन्हें रॉकेट से अलग कर दिया जाता है। इस दौरान वैज्ञानिक इस बात का ध्यान रखते हैं कि रॉकेट से अलग होने के बाद धरती पर गिरते समय ये बूस्टर्स किसी रिहायशी इलाके में न गिरें। लेकिन, इस बार चीन के वैज्ञानिकों ने इसका ध्यान नहीं रखा।
इस घटना का वीडियो अब तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। जिसमें आसमान से रॉकेट का बूस्टर गिरते हुए दिखाया गया है। यह बूस्टर तेजी से जमीन की तरफ आता है। जिसके कारण वीडियो को शूट कर रहे लोग अचानक चिल्लाने और भागने लगते हैं। कुछ सेकेंड बाद गहरा धुआं उठते दिखाई देता है। बूस्टर के गिरने वाले स्थान पर बड़ा सा गढ्ढा दिखाई देता है और उसके मलबे आसपास बिखरे हुए नजर आते हैं। चीन के शक्तिशाली गोफेन 02-सी को उत्तरी चीन के ताइयुआन सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्ग मार्च 4 बी रॉकेट के जरिए सोमवार दोपहर 1:57 बजे प्रक्षेपित किया गया था। यह एक अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट है जो सैन्य और असैन्य दोनों तरह की गतिविधियों में प्रयोग किया जाता है। इस सैटेलाइट में कई हाई रिज्योलूशन के कैमरे लगे हैं। जो धरती की तीन फीट की ऊंचाई पर स्थित किसी ऑब्जेक्ट की हाई क्वालिटी तस्वीरें ले सकते हैं।

Recent Posts

%d bloggers like this: