November 1, 2020

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बदल गए है म्यूचुअल फंड के नियम, अब निवेश के लिए करना होगा ये काम

मुंबई:- मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने म्यूचुअल फंड्स की मिडकैप कैटेगिरी को लेकर नए नियम जारी किए है। नए नियम के बाद म्यूचूअल फंड के मल्टीकैप में लगे फंड को शेयर बाजार में 75 फीसदी रकम लगानी पड़ेगी जो पहले 65 फीसदी है, मतलब अब आपके निवेश की 10 फीसदी ज्यादा शेयर बाजार में लगाई जाएगी। साथ ही, इस 75 फीसदी रकम में से 25 फीसदी लार्जकैप शेयरों में लगानी होगी। वहीं, 25 फीसदी मिडकैप और 25 फीसदी हिस्सा स्मॉलकैप शेयरों में लगाना होगा। इस फैसले से शेयर बाजार के निवेशकों को बड़ा फायदा होगा। आपको बता दें कि नए नियम जनवरी 2021 से लागू होगा। सेबी के इस बदलाव से शेयर बाजार में निवेश करने वालों को तो फायदा मिलेग ही साथ आपके म्यूचूअल फंड के पैसे का रिटर्न भी बाजार के उतार-चढ़ाव से घटे और बढेगा। जानकारों के मुताबिक सेबी के इस फैसले के बाद अब फंड मैनेजर्स आपके निवेश को तेजी से बढ़ा सकेंगे। हालांकि इससे छोटी और मध्यम अवधि में लिक्विडटी की समंस्या का अंदेशा लगाया जा रहा है। मौजूदा समय में हर मल्टीकैप में करीब करीब 70 फीसदी लांर्ज कैप स्टॉक्स होते हैं. वहीं मिड कैप औऱ स्मॉल कैप के लिए यह आंकड़ा 22 फीसदी और 8 फीसदी का है। गौरतलब है कि किसी भी निवेशक की ओऱ से म्यूचूअल फंड में किए गए निवेश को फंड कंपनियां अलग अलग तरह के कैप में लगाती से जिससे जोखिम का खतरा कम रहता है। म्यूचूअल फंड का निवेश शेयर बाजार में किए गए निवेश के मुकाबले कम जोखिम वाला होता हैं। हालांकि इसमें रिटर्न भी शेयर बाजार की तुलना में कम होता है। अगर आसान शब्दों में कहें तो म्यूचुअल फंड में कई निवेशकों का पैसा एक जगह जमा किया जाता है। इसे फिर एक फंड मैनेजर शेयर बाजार और अन्य जगह जैसे गवर्नमेंट बॉन्ड्स इत्यादि में निवेश करता है। म्यूचुअल फंड को एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) द्वारा मैनेज किया जाता है। प्रत्येक AMC में आमतौर पर कई म्यूचुअल फंड स्कीम होती हैं।

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