October 23, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

महापुरुषों की जगह परिवार की फोटो छपने लगी

रघुवंश प्रसाद ने फिर लिखी भावुक चिट्ठी

पटना:- पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद प्रसाद सिंह ने एक बार फिर से भावुक पत्र लिखकर अपनी पीडा व्यक्त की है। राजद से इस्तीफा दे चुके रघुवंश बाबू ने बिना नाम लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने ने लिखा है कि वर्तमान में राजनीति में इतनी गिरावट आ गई है, जिससे लोकतंत्र पर ख़तरा है। महात्मा गांधी बाबू जयप्रकाश, डॉ लोहिया, बाबा साहेब और जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम और विचारधारा पर लाखों लोग लगे रहे, कठिनाईयां सहीं, लेकिन डगमग नहीं हुए, लेकिन अब समाजवाद की जगह सामंतवाद, जातिवाद, वंशवाद, परिवारवाद, संप्रदायवाद आ गया। यह सभी उतनी ही बुराईयां हैं, जिसके खिलाफ समाजवाद का जन्म हुआ था। रघुवंश प्रसाद ने आगे लिखा है कि अब इन पांचों महान पुरुष की जगह एक ही परिवार के पांच लोगों की फोटो छपने लगी है। पद पाकर धन कमाना और धन कमाकर ज्यादा लाभ का पद खोजना। राजनीति की परिभाषा के अनुसार इन सभी बुराइयों से लड़ना है। राजद संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से ही पार्टी में संगठन और संघर्ष को मजबूत करने के लिए लिखा, लेकिन पढ़ने तक का कष्ट नहीं किया गया।प्रदेश जदयू मुख्यालय में मिलन समारोह के मौके पर ललन सिंह ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी के समय से लोकदल से विधायक रहे भोला राय ने लालू प्रसाद के लिए राघोपुर सीट का त्याग किया था। 32 साल तक साथ देने वाले रघुवंश बाबू हों या भोला राय, राजद में त्याग करने वालों को अपमानित करने की परंपरा है। मीडिया के एक सवाल पर ललन सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल पूछने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सीएम ने अंगुली पकड़कर उन्हें डिप्टी सीएम बनाया और वे मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं, जो पूरा नहीं होने वाला। तेजस्वी एक ही सवाल का जवाब दे दें कि उनके पिता 2017 से रांची के होटवार जेल में किस कारण हैं। वे इसे साजिश भी अब नहीं कह सकते क्योंकि प्रदेश के साथ जो लालू जी ने किया, न्यायिक प्रक्रिया के तहत उसकी सजा वे भुगत रहे हैं। क्या रघुवंश प्रसाद सिंह जदयू में शामिल होंगे, पत्रकारों के इस सवाल पर जदयू सांसद ललन सिंह ने कहा कि रघुवंश प्रसाद सिंह देश के सम्मानित नेता हैं। वे जिस दल में जाएंगे, वहां के लिए धरोहर होंगे। वहां उनका स्वागत होगा।उन्होंने आरोप लगाया कि राजद में लोस, रास या विस, सभी के टिकट के लिए लेन-देन होता है।

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