October 21, 2020

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चीन दे रहा है युद्ध का संकेत, टैंक, मिसाइलें और फाइटर जेट अलर्ट मोड पर

लद्दाख:- भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में हालात दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि पैंगोंग में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। चीन और भारत के सैनिक एकदम आमने-सामने खड़े हैं। टैंक, मिसाइलें और फाइटर जेट अलर्ट मोड में हैं। चीन ने अबकी बार जो हरकत की है, वो इस बात का साफ इशारा कर रही है कि दोनों देशों के बीच युद्ध होकर रहेगा। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा हैं की एलएसी पर हालात बारूदी और विस्फोटक हैं। दोनों तरफ से सेना और गोला बारूद की भारी डिप्लॉयमेंट हो चुका है और इसी के साथ सरहद पर भारत-चीन के बीच युद्ध का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। बॉर्डर पर टेंशन इतना हाई है कि पूछिए मत।, कभी भी कुछ भी हो सकता है।

LAC पर हालात कितने भयानक हैं, इसे पांच प्वाइंट में समझिए।

सरहद पर दोनों देशों की सेनाएं आमने सामने खड़ी हैं।
हिंदुस्तान के टैंक, फाइटर जेट और मिसाइल रेडी हैं।
चीन के लड़ाकू विमान और मिसाइलें तैनात हैं।
दोनों सेना एक दूसरे के शूटिंग रेंज में हैं।
दोनों देशों के जवानों के बीच दूरी 500 मीटर से भी कम है।
भारत और चीन के बीच एलएसी पर टेंशन बहुत बढ़ गया है। पैंगोंग सो पर तो हालात और भी खराब होते जा रहे हैं। पिछले 48 घंटे में ही चीन ने यहां बड़ी संख्या में अपनी फौज तैनात कर दी है। इसे देखते हुए भारत भी एक्शन में आ गया है। हिंदुस्तानी फौज ने भी उसे टक्कर देने के लिए अपनी डिप्लॉमेंट बढ़ा दी है।

पैंगोग झील

जानकारी के अनुसार चालबाज चीन ने पिछले 48 घंटे में फिंगर 4 के पास बड़ी तादाद में अपने जवान जुटा लिए हैं। बताया जा रहा है कि ड्रैगन ने मंगलवार रात को अंधेरे का फायदा उठाते हुए फिंगर-4 की रिजलाइन यानि पहाड़ी के निचले हिस्से पर दो हजार सैनिक तैनात कर दिए हैं। चीन की इस चाल की खबर जैसे ही भारतीय सेना को मिली, वो भी एक्शन में आ गई। भारत की तरफ से भी तत्काल फिंगर 3 के पास बराबर की संख्या में जवानों की तैनाती कर दी। ताकि ड्रैगन की किसी भी दुस्साहस का सामना किया जा सके।
फिंगर तीन पर भारत के 2 हजार जवान मुस्तैद हैं। फिंगर 4 के पास चीन के 2 हजार जवान तैनात हैं। माना जा रहा है कि इस चाल के जरिए चीन भारतीय सेना को मिलने वाले उन सभी फायदों को बेकार करना चाहता है, जो पैंगोंग सो के पास जवानों ने ऊंची पहाड़ियों पर कब्जा कर हासिल किया है।
एलएसी पर भारत और चीन के बीच टेंशन कितना हाई है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि दोनों देशों के जवानों के बीच 500 मीटर से भी कम की फासला है। दोनों सेनाएं एक-दूसरे की शूटिंग रेंज में हैंएलएसी के दोनों ही तरफ सेनाओं ने हथियार जुटा रखे हैं। दोनों तरफ टैंक, मिसाइल और लड़ाकू विमान तैनात हैं। मतलब भारत और चीन के बीच युद्ध का आरंभ कभी भी हो सकता है।
आपको बता दें की चीन ने सिर्फ जवान ही तैनात नहीं किए हैं। फिंगर-4 के पास वो बड़े पैमाने पर निर्माण कर रहा है। सैन्य ठिकाने और बंकर बना रहा है। चीन यहां हथियार, गोला बारूद, टैंक, मिसाइल और रॉकेट भी जुटा रहा है। साथ ही ड्रैगन की आर्मी पोस्ट बना रही है। ऐसे डिपो बनाए जा रहे हैं, जहां गोले, बारूद और मिसाइलें जमा की जाएंगी। एक समय चीन को फिंगर इलाके में चोटियां कब्जाने के बाद ज्यादा ऊंचाई का फायदा था, लेकिन 29-30 अगस्त की रात में भारतीय सेना ने पैंगोंग के दक्षिणी किनारे से लेकर रेजांग ला के करीब रेकिन ला तक ऊंची चोटियों पर कब्जा जमा लिया। इसके बाद से ही चीन बौखलाया हुआ है और बड़ी तादाद में सेना जुटा रहा है।ड्रैगन सिर्फ सेना और हथियारों की तैनाती ही नहीं कर रहा है। हिंदुस्तान को डराने के लिए उसने अब तक की सबसे बड़ी धमकी दी है। चीन ने अपने भोंपू अखबार के जरिए ऐलान किया है कि अगर भारत पैंगोंग से नहीं हटा तो युद्ध कंफर्म है, लेकिन चीन की ये गीदड़भभकी काम नहीं आने वाली है। अगर वो हिमाकत करेगा तो बुरी तरह पिटेगा।

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