November 1, 2020

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बिहार चुनाव: चिराग पासवान की सियासत, बीजेपी से ‘दोस्ती’, नीतीश से ‘दुश्मनी

नई दिल्ली:- बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही है। इस बीच एनडीए में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं लग रहा है। गठबंधन की सहयोगी जेडीयू और लोजपा के बीच तनातनी काफी बढ़ गई है। एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है।
चिराग पासवान की अध्यक्षता में बिहार लोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में पार्टी ने फैसला किया कि वैसी 143 सीटों पर उम्मीदवारों की सूची तैयार की जाए जिनपर बीजेपी के उम्मीदवार नहीं लड़ेंगे। जल्द ही इस सूची को केंद्रीय संसदीय बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा। एलजेपी के इस फैसले से जेडीयू काफी नाराज है और कह रही है एलजेपी से हमारा कोई नाता नही है जो करना है करें। बैठक में राज्य में गठबंधन को लेकर आगे निर्णय लेने के लिए राज्य संसदीय बोर्ड के सदस्यों ने चिराग पासवान को अधिकृत कर दिया है

इस तानातानी के बीच बीजेपी चुप है। बीजेपी नहीं चाहती है की कोई साथी एनडीए छोड़ कर अलग हो। बीजेपी अब भी मानती है की एनडीए में सबकुछ ठीक है और एनडीए एकजुट है। इन सब के बीच राजद काफी खुश है उन्हें लगता है की जल्द ही चिराग पासवान एनडीए को छोड़कर कहीं महागठबंधन में शामिल हो जाएं। राजद अपनी तरफ से लगातार न्यौता भी दे रही है। एलजेपी यह भी मानती है की सीएम नीतीश के नाम से प्रदेश की जनता में उत्साह नहीं है, नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ने में नुकसान होगी।
बताया जा रहा है कि एनडीए में रहना है या नहीं इसपर चिराग 15 सितंबर को पार्टी के सांसदों से रायशुमारी के बाद अंतिम फैसला लेंगे। एलजेपी की संसदीय बोर्ड की बैठक में चिराग पासवान के रुख को देखते हुए राजनीतिक गलियारे में जारी चर्चाओं को और भी हवा मिल गई है। चिराग एनडीए में रहेंगे या नहीं। या फिर एनडीए में रहते हुए भी क्या एलजेपी जेडीयू प्रत्याशियों के खिलाफ अपने लोग उतारेगी। ये तमाम सवाल राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सभी इसी का इंतजार कर रहे हैं कि एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान अपना स्टैंड क्लियर करें।

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