October 20, 2020

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नीतीश कुमार और जेडीयू के प्रति पुतुल कुमारी ने दिखाई नाराजगी

जमुई:- बांका की पूर्व सांसद पुतुल कुमारी ने नीतीश कुमार और जेडीयू के प्रति खासी नाराजगी दिखाई है। पुतुल कुमारी ने जदयू पर हमला बोलते हुए कहा कि अब जदयू के साथ जाना बिल्कुल संभव नहीं है, क्योंकि जदयू ने दिग्विजय सिंह को भी धोखा दिया और बीते लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनके साथ छल किया है। उन्‍होंने अपने पैतृक जिले सह संसदीय क्षेत्र के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपने राजनितिक भविष्य को लेकर भी सवाल और विचार-विमर्श किया। पूर्व सांसद पुतुल कुमारी ने पैतृक निवास गिद्धौर स्थित लाल कोठी में अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चा की। इस दौरान पुतुल कुमारी की पुत्री और दिग्विजय सिंह की प‍त्‍नी अंतरराष्ट्रीय स्तर की निशानेबाजी श्रेयसी सिंह जी मौजूद रही। राजद में शामिल होने के मामले में पूर्व सांसद पुतुल कुमारी ने कहा कि राजद के अलावा लोजपा और तीसरे मोर्चे के लोग भी उनसे संपर्क साधा है, यहां तक कि भाजपा के भी कई नेता उनसे संपर्क कर पार्टी में शामिल होने के लिए पेशकश की है लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। पुतुल कुमारी ने बताया कि किसी दल में शामिल होने के पहले अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों का राय जानना जरूरी था इसीलिए बांका की कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की गई है। वो किस दल में शामिल होंगी आने वाले दिनों में जल्द ही स्पष्ट कर दिया जाएगा। श्रेयसी सिंह का विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारी की बात को लेकर पूर्व सांसद ने बताया कि राजनीति में आने और चुनाव लड़ने का फैसला खुद श्रेयसी लेंगी। दरसअल बीते दिनों ये खबर आई थी कि पूर्व सांसद पुतुल कुमारी राजद में शामिल होने वाली हैं साथ ही राजद के टिकट पर ही उनकी बेटी विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। बता दें कि पुतुल कुमारी बीते लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष थी। लेकिन, लोकसभा चुनाव में पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद वह बांका संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ी थीं। पुतुल कुमारी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय दिग्विजय सिंह की पत्नी है जो बांका के सांसद के अलावा केंद्र में मंत्री और राज्यसभा के भी सदस्य रह चुके हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में जब जदयू ने बांका से दिग्विजय सिंह को टिकट नहीं दिया था तो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर वो विजयी हुए थे।

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