October 25, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव 6 राज्यों के संपर्क में, यह कोविड मृत्यु दर में उच्च वृद्धि देखी गई

नई दिल्ली:- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय कोविड महामारी के प्रसार के तौर-तरीकों पर लगातार निगरानी रख रहा है और संबंधित राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ प्रभावी बातचीत कर रहा है, ताकि उन जिला प्रशासनों को इस संकट के प्रबंधन के तौर-तरीकों में सुधार लाने हेतु मार्ग-दर्शन किया जा सके जहां कोविड मामलों में तेज उछाल दर्ज किया जा रहा है और जहां इसके सक्रिय मामले बढ रहे हैं और मृत्यु दर में भी तेजी देखी जा रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य सचिवों के साथ उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले 35 जिलों में कोविड महामारी को काबू करने और उसके प्रबंधन पर वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) के माध्यम से एक समीक्षा बैठक की।
इन 35 जिलों में पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना और 24 दक्षिण परगना, महाराष्ट्र के पुणे, नागपुर, ठाणे, मुंबई, मुंबई उपनगरीय, कोल्हापुर, सांगली, नासिक, अहमदनगर, रायगढ़, जलगांव, सोलापुर, सतारा, पालघर, औरंगाबाद, धुले और नांदेड़, गुजरात के सूरत, पुदुचेरी के पांडिचेरी, झारखंड के पूर्वी सिंहभूम और दिल्ली के सभी 11 जिले शामिल हैं। इस डिजिटल बैठक में राज्य के स्वास्थ्य सचिवों के साथ ही जिला अधीक्षकों, नगर आयुक्तों और प्रभावित जिलों के अन्य अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस बैठक में शामिल अधिकारियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय सचिव ने सहरुग्ण लोगों और बुजुर्ग आबादी पर ध्यान केंद्रित कर कोविड के सक्रिय मामले की तलाश तेज करके, संक्रमित क्षेत्रों में इस पर रोकथाम के उपायों को मजबूत करके और इसकी पॉजिटिविटी रेट को 5% से कम पर लाकर इस संक्रामक रोग के संचरण की श्रृंखला को दबाने, नियंत्रित करने और अंततः तोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।राज्य के स्वास्थ्य सचिवों ने इन जिलों में कोविड-19 की मौजूदा स्थिति पर एक विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने विश्लेषण में रोकथाम के उपायों, संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वालों का पता लगाने, निगरानी गतिविधियों, सुविधा-वार मामलों में मृत्यु दर, साप्ताहिक स्तर पर सामने आने वाले नए मामलों और मौतों के संदर्भ में बीमारी के रुझान आदि पहलुओं को शामिल किया। उन्होंने अगले एक महीने के लिए विस्तृत कार्य योजनाओं पर भी चर्चा की। राज्य सचिवों ने केंद्र को जिले में कराए गए आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन परीक्षणों के संदर्भ में विवरण, एंटीजन परीक्षणों से रोगसूचक निगेटिविटी की पुन: परीक्षण प्रतिशतता, परीक्षण प्रयोगशाला उपयोग, अस्पताल में भर्ती की स्थिति और ऑक्सीजन-युक्त बेड, आईसीयू बेड और वेंटीलेटर आदि पर मरीज भर्ती की स्थितिके बारे में बताया।

Recent Posts

%d bloggers like this: