November 1, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

बिहार में बीजेपी तथा जेडीयू में सबसे बड़ी पार्टी बनने की खींचतान

दलित वोट के लिए लोजपा के चिराग तथा जीतन राम मांझी का सहारा

पटना:- बिहार में इन दिनों चुनाव से पहले एनडीए के दो धड़े बीजेपी और जनता दल यूनाइडेट के बीच दलित वोट के लिए खींचतान सीटों के मामले में सबसे बड़ी पार्टी बनने की होड़ सी मची है। 243 सीटों के विधान सभा में दोनों दर मैजिक नंबर 122 के करीब पहुंचना चाहती है। इस लड़ाई में बीजेपी ने लोक जनशक्ति पार्टी के कंधे पर बंदूक रखी है तो जेडीयू ने हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) का हाथ थामा है। लोजपा एनडीए की पुरानी साथी है। जबकि हाल ही में हम प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने ऐलान किया है कि वो जडीयू से हाथ मिला रहे हैं।
दरअसल कई बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधने वाले लोजपा के चिराग पासवान ने हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ की है। हाल ही में, लोजपा ने अखबारों में विज्ञापन छपवाया था। विज्ञपन में लिखा गया था, ‘हम बिहार के गौरव के लिए लड़ रहे हैं, जबकि वो हम पर शासन करने के लिए लड़ रहे हैं’। जीतन राम मांझी ने चिराग के इस बयान की आलोचना की है। मांझी मुसहर जाति का प्रतिनिधित्व करतें हैं। मांझी ने पहले ही साफ कर दिया है कि वो अपनी पार्टी का किसी दूसरी राजनीतिक दल में विलय नहीं करेंगे। उन्होंने आगामी चुनावों में दोहरे अंक में विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। इधर अनुसूचित जातियों को लुभाने के लिए नीतीश कुमार ने एक्सिडेंट के दौरान मौत होने पर एससी या एसटी व्यक्ति के परिजनों को नौकरी देने तथा 20 सितंबर तक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत लंबित मामलों के निपटाने का भी आदेश दिया। नीतीश के इस कदम पर राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कुमार पर विधानसभा चुनाव से पहले दलित कार्ड खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे राज्य में एससी और एसटी लोगों की हत्याओं को बढ़ावा मिलेगा।

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