October 22, 2020

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ट्रेन में भीख मांगने की अनुमति देने का कोई प्लान नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन कर बोला रेलवे, ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं

नई दिल्ली:- भारतीय रेल ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है, जिसमें ट्रेनों में भीख मांगने को अब अपराध की श्रेणी से बाहर करने की बात कही जा रही थी। पूर्व में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया था कि रेलवे ने केंद्रीय कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा है कि वह ट्रेन, प्लेटफॉर्म और स्टेशन में भीख मांगने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की अनुमति दे। इन रिपोर्ट्स में किए गए दावे का खंडन करते हुए रेलवे ने कहा कि ऐसा कोई भी प्रस्ताव नहीं है, जिसमें कि स्टेशन या ट्रेन में भीख मांगने की अनुमति दी जाए या इसे अपराध ना माना जाए। दरअसल, कुछ दिन पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा गया था कि रेलवे ने इंडियन रेलवे ऐक्ट 1989 में संशोधन के लिए केंद्रीय कैबिनेट को एक प्रस्ताव भेजा है। इन रिपोर्ट्स में जिन दो प्रस्तावों का जिक्र था, उसमें ट्रेन, रेलवे स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर भीख मांगने को कानूनी सजा के दायरे से बाहर करने के प्रपोजल की बात भी शामिल थी। इसके अलावा इसमें रेलवे ऐक्ट के सेक्शन 167 के भी संशोधन प्रस्ताव का दावा किया गया था। इस सेक्शन में संशोधन होने की स्थिति में ट्रेन या स्टेशन पर सिगरेट पीने वालों को सजा देने का प्रावधान है। कहा जा रहा था कि अब नए संशोधन के जरिए रेलवे ऐसे लोगों से सिर्फ जुर्माना वसूलेगा और उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा। हालांकि रविवार को इन मीडिया रिपोर्ट्स पर बयान जारी करते हुए भारतीय रेल के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा कोई भी प्रस्ताव रेलवे ने नहीं भेजा है। रेलवे के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ट्रेनों, स्टेशनों या प्लेटफॉर्म पर भीख मांगने की इजाजत देने की भी कोई योजना या प्रस्ताव रेलवे के पास नहीं है।

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