October 26, 2020

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अब पंचायत स्तर पर बनेगा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का गोल्डन कार्ड

बेगूसराय:- सभी लोगों को बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार आवश्यक पहल कर रहा है। इसी कड़ी में कोविड-19 के कारण बंद की गयी आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने का काम फिर से शुरू करने का आदेश दिया गया है तथा इसके लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैंं। प्रधानमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना के काम में तेजी लाने तथा जल्द अधिक से अधिक लोगों का कार्ड बनाने को लेकर अब पंचायत स्तर पर कार्ड बनाया जाएगा ताकि सभी लोग आसानी से अपना कार्ड बनवा सकें। इसको लेकर जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिए हैं तथा हर हाल में तेजी के साथ कार्ड बनाने के लिए हर आवश्यक पहल करने को कहा गया है।

पंचायत स्तर पर तैनात कार्यपालक सहायक बनाएंगे गोल्डन कार्ड-

गोल्डन कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाने के लिए पंचायत स्तर पर तैनात कार्यपालक सहायक को कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी जाएगी, जो अपने-अपने क्षेत्र के लोगों का सुविधाजनक तरीके से गोल्डन कार्ड बनाएंगे जिससे कार्ड बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सके। जिले की सभी जगहों पर गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य शीघ्र शुरू होगा। इसके लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैंं और संबंधित पदाधिकारियों को शीघ्र कार्य शुरू कराने को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

क्या है गोल्डन कार्ड योजना-

2011 की सामाजिक-आर्थिक एवं जातिगत जनगणना में चिन्हित गरीब परिवारों को इस योजना का पात्र बनाया गया है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थी परिवार, पैनल में शामिल सरकारी या निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज करा सकते हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए उम्र की बाध्यता एवं परिवार के आकार को लेकर कोई बंदिश नहीं है। नेशनल हेल्थ एजेंसी द्वारा जारी वेबसाइट mera.pmjay.gov.in या हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर लाभार्थी यह जान सकते हैं कि उनका नाम लिस्ट में शामिल है या नहीं।
गोल्डन कार्ड से कोविड-19 का भी होगा मुफ्त इलाज-
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दौर में गोल्डन कार्ड की उपयोगिता और बढ़ गई है। गोल्डन कार्ड से कोरोना मरीजों का भी समुचित रूप से मुफ्त इलाज होगा। शेष सभी इलाज सुविधाओं का लाभ भी पूर्व की तरह दिया जाएगा। एक भी आदमी कार्ड बनवाने से वंचित नहीं रहे, इसका विशेष ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए गांव में जागरूकता अभियान की तरह लोगों को गोल्डन कार्ड बनाने के लिए जागरूक किया जाएगा। कार्ड बनवाने में मुखिया, वार्ड सदस्य समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी सहयोग करेंगे। स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ता भी अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी और कार्ड बनाने के लिए प्रेरित करेंगी। इसके साथ कार्ड बनने के बाद इलाज के लिए मिलने वाली सरकारी मदद की भी जानकारी देंगी।

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