October 21, 2020

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सोने में गिरावट, 5500 रुपये हुआ सस्ता, भारी छूट के बीच खरीदारी का स्वर्णिम अवसर

नई दिल्ली:- लगातार अपनी चमक बरकरार रखने वाली धातु सोने की कीमतों में आखिरी कारोबारी हफ्ते में काफी गिरावट देखने को मिली है। देखा जाए तो आखिरी 3 दिनों में ही सोना करीब 800 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरा है। वहीं अगर पिछले 1 महीने का डेटा देखें तो पता चलता है कि सोने की कीमतों में करीब 5500 रुपये तक की गिरावट आ चुकी है। इतना ही नहीं सोने की गिरती कीमतों के बावजूद डीलर्स ने सोने पर खूब डिस्काउंट दिए हैं। बता दें कि फिलहाल सोना 50,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ चुका है। चांदी की कीमतों में भी इस दौरान करीब 1200 रुपये तक कि गिरावट देखे को मिली है। आइए देखते हैं महीने भर में सोने-चांदी ने कैसे-कैसे रंग दिखाए हैं। पिछले महीने 7 अगस्त को सोने ने अपना उच्चतम स्तर छुआ था और प्रति 10 ग्राम की कीमत 56,200 रुपये हो गई थी। तब से लेकर अब तक यानी महीने भर में सोने की कीमतों में करीब 5500 रुपये की गिरावट आई है। यानी कि महीने भर में सोना 10 फीसदी तक गिर गया। यानी सोने की कीमतों में इतनी तगड़ी गिरावट आई है कि ये वक्त सोना खरीदने का सुनहरा मौका है। सोने में गिरावट की सबसे बड़ी वजह है उम्मीद से अच्छे आया अमेरिका का रोजगार का डेटा। इसकी वजह से अमेरिका डॉलर मजबूत हुआ है, जिसने सोने पर दबाव बढ़ा दिया है। इस बढ़ते दबाव के चलते सोने की कीमतों में भारत में गिरावट देखी जा रही है। बता दें कि अगस्त महीने में अमेरिका में 13.71 लाख नौकरियां बढ़ी हैं, जिससे बेरोजगारी की दर गिरकर 8.4 फीसदी पर आ गई है। सोना तो पिछले महीने भर में गिरा ही है, चांदी की कीमतों में भी तगड़ी गिरावट देखी गई है। महीने भर में चांदी करीब 10,000 रुपये तक गिर गई है। पिछले हफ्ते भर में चांदी की कीमतों में 1200 रुपये से भी अधिक की गिरावट देखने को मिली है। अगस्त का महीना सोने-चांदी लिए बहुत ही अस्थिर रहा है, जिसमें सोने-चांदी की कीमतों में तगड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोना गहरे संकट में काम आने वाली संपत्ति है, मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में यह धारणा एक बार फिर सही साबित हो रही है। कोविड-19 महामारी और भू-राजनीतिक संकट के बीच सोना एक बार फिर रिकॉर्ड बना रहा है और अन्य संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए निवेश का बेहतर विकल्प साबित हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बीच सोना अभी कम से कम एक-डेढ़ साल तक ऊंचे स्तर पर बना रहेगा। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का मानना है कि कम एक साल तक सोना उच्चस्तर पर रही रहेगा। वह कहते हैं कि संकट के इस समय सोना निवेशकों के लिए ‘वरदान’ है। गोयल मानते हैं कि दिवाली के आसपास सोने में 10 से 15 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है।

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