October 27, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

55 घंटे बाद समाप्त हुआ टाना भगतों का आंदोलन, रेल परिचालन हुआ शुरू

मुख्यमंत्री ने वार्ता के लिए आमंत्रित किया है।

रांची:- झारखंड के लातेहार जिले में टोरी रेलवे ट्रैक को जाम कर बैठे टाना भगतों का आंदोलन 55 घंटे बाद शनिवार सुबह समाप्त हुआ। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा आंदोलनरत टाना भगत समुदाय के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किये जाने के बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि टाना भगतों के इस आंदोलन को समाप्त कराने में मध्यस्थता करने वाले लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) विधायक बैद्यनाथ राम और प्रशासन को एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दूत बनकर आए शुक्रवार देर रात टोरी जंक्शन स्थित धरनास्थल पर पहुंचे लातेहार विधायक वैद्यनाथ राम और वरीय अधिकारी मध्य रात्रि तक टाना भगत समुदाय के लोगों को समझाते रहे। टाना भगतों के रेल ट्रैक से नहीं हटने की हठधर्मिता के बीच विधायक बैद्यनाथ राम राम ने कहा कि मर्यादा पुरूषोतम भगवान श्रीराम ने एक बार समुद्र से रास्ता मांगा था। उनके अनुनय-विनय के बाद समुद्र नहीं मान रहा था। इसके बाद उन्हें बाण उठाना पड़ा। टाना भगतों का पूरा देश सम्मान करता है इसलिए वैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो इसका प्रयास करें। दो दिनों से वो उन्हें सम्मान देते मनाने का प्रयास कर रहे हैं और वो हठधर्मिता पर अड़े हैं, यह न्यायोचित नहीं है। टाना भगत राष्ट्रपिता बापू के अनुनायी कहे जाते हैं। वो देश हित के लिए कार्य करें। विकास में सहभागिता निभाएं। बाद में टाना भगत समुदाय आंदोलन स्थगित करने पर सहमत हो गया। हालांकि इस दौरान एक गुट प्रारंभ में नाराज भी दिखा, लेकिन बाद में सभी आंदोलन हटाने को समाप्त करने पर सहमत हो गये। इससे पहले भी आंदोलन के दूसरे दिन गुरुवार को भी विधायक ने टाना भगत को घंटों समझाने का प्रयास किया था। तीसरे दिन शुक्रवार देर तक विधायक और आंदोलनकारियों के बीच लगातार सात घंटे की हुई बातचीत और मान-मनव्वल के बीच कई बार टाना भगतों ने आपस में वार्ता के लिए समय लिया। इस दौरान कई अवसर पर विधायक और टीम के साथ कई बार आंदोलनकारियों के बीच नोंकझोंक की स्थिति बनती दिखी और अंततः उनका आंदोलन समाप्त हुआ। इसके साथ ही 55 घंटे के पश्चात इस रेलमार्ग पर परिचालन प्रारंभ हो गया। गौरतलब है कि भूमि का पट्टा देने , लगान माफ करने और सीएनटी एक्ट को सख्ती से लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राज्यभर के टाना भगतों की ओर से टोरी रेलवे स्टेशन पर धरना दिया जा रहा था। जिसके कारण इस रेल खंड पर अप और डाउन मार्ग पर कई मालगाड़ियों का परिचालन बाधित था और रेलवे को प्रति घंटे दो करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था।

Recent Posts

%d bloggers like this: