October 23, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

प्रोफेसर ने लॉकडाउन में भी विद्यार्थियों से नहीं बनने दी दूरियां

सूचना तकनीक का इस्तेमाल कर छात्र-छात्राओ को पठन-पाठन में किया सहयोग

रांची:- भारतीय समाज में गुरु का स्थान ईश्वर के समतुल्य रखा गया है। गुरु के प्रति हमारे सिर तब और अधिक झुक जाते हैं जब कोरोना संक्रमण काल के दौरान लगभग गतिविधियां धीमी पड़ गई थी उस दौरान भी शिक्षकों की सूझबूझ और मेहनत से बच्चों की पढ़ाई जारी रही। रांची के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर विभाग में अंग्रेजी के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विनय भरत ने सूचना तकनीक का भरपूर इस्तेमाल करके छात्रों की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी। कोरोना वायरस संक्रमण काल के दौरान जब लॉकडाउन के कारण विश्वविद्यालय बंद हो गए तब इन्होंने सूचना तकनीक का भरपूर इस्तेमाल करते हुए सिलेबस से जुड़े वीडियो को खुद बनाया और यूट्यूब पर डालना शुरू किया। प्रोफेसर विनय के इस पहल से छात्र इस प्लेटफॉर्म से जुड़े और उनकी पढ़ाई जारी रही। प्रोफेसर विनय का कहना है कि विषम परिस्थितियों में भी उनके और छात्रों के बीच किसी प्रकार की दूरी नहीं हुई। इनका कहना है कि यूट्यूब और व्हाट्सएप पर जुड़ जाने से वह बच्चों के बीच अब चौबीसों घंटे उपलब्ध रहते हैं। प्रोफेसर विनय कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो डिजिटल इंडिया का सपना देखा था । कहीं ना कहीं आज इन विपरीत परिस्थितियों में सफल साबित हो रहा है। सूचना तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करके पठन-पाठन अब और अधिक आसान हो गया है।घर बैठे वेबीनार के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोफेसर और वैज्ञानिकों से लोग आसानी से जुड़ रहे हैं। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभाग में पढ़ने वाले छात्र रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों के भी हैं। इन छात्रों का कहना है कि उनके एच ओ डी द्वारा किए गए पहल से पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आ रही है। सुचारू रूप से पढ़ाई होने से सिलेबस भी कंप्लीट हो गया है। बच्चे उन्हें गुरु के साथ अपना बड़ा भाई भी मानते हैं। यूट्यूब और व्हाट्सएप समेत कुछ अन्य एप्प को पहले मनोरंजन का माध्यम माना जाता था। वैश्विक महामारी ने इस प्लेटफॉर्म को इंटरटेनमेंट के साथ इंफॉर्मेशन और नॉलेज के कॉम्बिनेशन के रूप में तब्दील कर दिया है।

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