October 21, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

युवाओं की टोली बच्चों का भविष्य गढ़ने में जुटी बिना कोई शुल्क लिये, शिक्षा का अलग जगाने का प्रयास

रांची:- वास्तव मे विद्यालय अगर शिक्षा का मंदिर है, तो आज हम आपको मिलवाते हैं, उन मौन तपस्वियों से..जिनके जीवन का मकसद ही समाज मे शिक्षा की लौ जलाना है। ये वो शिक्षक हैं ,जिन्हें न ही वेतन की चिंता है और न ही प्रोमोशन की फिक्र। बीते पांच से अधिक वर्षों से गांव के सामुदायिक भवन के एक कमरे मे ये शिक्षा का अलख जगाए जा रहे हैं। रांची के नगड़ी प्रखंड अंतर्गत कुलगू अकेला ऐसा गांव नहीं है, जहाँ ये युवा भावी पीढ़ी का सुनहला भविष्य गढ़ रहे हो, बल्कि प्रखंड मे कई और भी ऐसे गांव हैं, जहाँ ऐसे ही युवाओं की दूसरी टोली अपने नेक मकसद को अंजाम देने मे लगे हैं। हर शाम यहाँ इन बच्चों की पाठशाला सजती है। सुदूरवर्ती जनजातीय बहुल गांव के ये वैसे बच्चे हैं जिन्हें न ट्यूशन का मतलब मालूम है.. और न ही है मोबाइल से वास्ता। किताबें भी बमुश्किल उपलब्ध हो पाती हैं, लेकिन पढ़ाई का जुनून भरपूर है। जिस तरह से ये युवा निःशुल्क और निष्काम भाव से अनवरत गरीब और साधन विहीन परिवार के बच्चों मे ज्ञान की गंगा बहा रहे हैं, निःसंदेह ऐसे ही शिक्षकों की बदौलत हमारे समाज मे गुरू को ईश्वर से भी कहीं उपर का दर्जा दिया गया है।

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