October 19, 2020

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पाइपलाइन बिछाने के लिए चल रही खुदाई के दौरान निकला शिवलिंग, ग्रामीण मंदिर बनाने पर अड़े है

रांची:- झारखंड की राजधानी रांची में सीआरपीएफ कैंप के पास पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई चल रही थी। खुदाई के दौरान एक शिवलिंग निकला। इसे लोगों ने सड़क किनारे रख दिया और फिर पास में एक जमीन पर स्थापित कर उसकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी। ग्रामीणों ने कहा कि वहां शिव मंदिर बनायेंगे, लेकिन प्रशासन ने उस जगह की घेराबंदी करने से लोगों को मना कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। मामला धुर्वा के एचइसी इलाके का है। यहां तिरिल इलाके में सीआरपीएफ कैंप के पास स्थित होटवासी गांव में पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था। इसी दौरान खुदाई के दौरान एक शिवलिंग दिखा। उसे सड़क किनारे रख दिया गया। लेकिन, जिस जगह शिवलिंग को रखा गया, वहां गंदा पानी बह रहा था। इसलिए पास के खाली जगह पर शिवलिंग को रखा गया। वह जमीन एचइसी की है। खुदाई में शिवलिंग मिलने की बात सुनकर आसपास के लोग वहां जुटने लगे। शिवलिंग की पूजा शुरू हो गयी। लोग वहीं मंदिर बनाने की बात करने लगे। इसकी सूचना जब प्रशासन को हुई, तो नगड़ी की अंचल अधिकारी (सीओ) पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंचीं। होटवासी गांव के लोगों से कहा कि शिवलिंग को जहां रखा गया है, उस जगह की कोई घेराबंदी न करे। इस पर वहां मौजूद ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बहस हो गयी। उधर, ग्रामीण इस बात पर अड़े रहे कि वे यहां मंदिर बनायेंगे। सनातन एकता मंच ने भी कहा कि ग्रामीणों के सहयोग से वहां मंदिर का निर्माण करवाया जायेगा। सनातन एकता मंच के अध्यक्ष रोहित साहू ने कहा कि यह लोगों की आस्था का सवाल है। भगवान शिवशंकर जब प्रकट हुए हैं, तो उनकी पूजा-अर्चना करना भक्तों का कर्तव्य है जहां वह प्रकट हुए हैं, वहीं उनकी मंदिर बनायेंगे।
होटवासी गांव के लोगों ने भी कहा कि भगवान शंकर की मंदिर यहां जरूर बनायेंगे। जिस समय प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच बहस चल रही थी, गांव के राजदेव साहू, ललन शर्मा, विकास सिंह, कार्तिक कुमार, अंकित सिंह, उपेंद्र कुमार, सनातन एकता मंच के अध्यक्ष रोहित साहू व अन्य सैकड़ों लोग वहां मौजूद थे।
इधर, नगड़ी की अंचल अधिकारी ने ग्रामीणों के भारी विरोध के बावजूद शिवलिंग को खुले स्थान से हटाकर पास के एक मंदिर में रखवा दिया है. वहीं, ग्रामीण इस बात पर अड़ गये हैं कि वे मंदिर वहीं बनायेंगे, जहां भगवान शंकर प्रकट हुए हैं. देर शाम तक 250 से ज्यादा ग्रामीण वहां डटे हैं. साथ ही पुलिस फोर्स के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी वहां मौजूद हैं.

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