October 30, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

काला टॉप पहाड़ी पर भारतीय सैनिकों ने रोकी चीनी सेना की आवाजाही, भारत ने तैनात किए टैंक

नई दिल्ली:- पूर्वी लद्दाख में चीन की ताजा सैन्य चालबाजी को लगातार दूसरे दिन नाकाम करने के साथ ही भारतीय सेना ने पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे की एक अहम रणनीतिक चोटी पर अपना कब्जा जमा लिया है। भारतीय सैनिकों ने चीनी सेना के इरादों को ध्वस्त करते हुए ब्लैक टॉप हिल के रूप में चर्चित इस चोटी पर कब्जा जमा लिया है। भारतीय सेना के इस कदम से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएससी) पर पैंगोंग झील के इलाके में भारतीय सैनिकों की स्थिति मजबूत हो गई है। लद्दाख में LAC पर भारतीय सेना ने अपने टैंकों को महत्वपूर्ण इलाकों में तैनात किया। चुशूल और डेमचोक से चीन के हमले की आशंका के बाद ये तैनाती की गई है। चीन की सेना के टैंकों के आगे बढ़ने के बाद भारत ने ये तैनाती की है। पैंगोंग झील पर भारत की स्थिति मजबूत है। भारतीय सेना सभी संवेदनशील क्षेत्रों में आक्रामक रुख बनाए रखेगी। पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे यानी ब्लैक टॉप पर अब भारतीय सैनिक तैनात हैंं। 29-30 अगस्त की रात चीन के सैनिक ब्लैक टॉप पर कब्जा करने की कोशिश में थे लेकिन भारतीय सैनिकों ने पीछे खदेड़ दिया। ब्लैक टॉप पोस्ट पर पहले से ही मौजूद चीन के कैमरे और सर्विलांस सिस्टम को उखाड़ फेंका। पैंगोंग झील के दक्षिणी इलाके में स्थित ब्लैक टॉप भारतीय इलाके में है। लेकिन, इस चोटी पर दोनों देशों के सैनिक अभी तक आते-जाते नहीं थे। एलएसी पर घुसपैठ का नया मोर्चा खोलने के लिए चीनी सेना ने इस चोटी पर कब्जे की कोशिश की। भारतीय सेना ने पहले चीनी कोशिश को नाकाम किया और फिर चोटी को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया। इससे बौखलाए चीन ने भारतीय सेना पर उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करते हुए एलएसी के अतिक्रमण का आरोप लगाया। इसे भारत ने खारिज करते हुए कहा कि एलएसी पर चीन भड़काने वाली हरकत कर रहा है। चीन की बौखलाहट और सीमा पर तनातनी से पनपे हालात की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना के शीर्ष नेतृत्व के साथ गहन समीक्षा की।
उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा। नए गतिरोध पर भारत और चीन के बीच मंगलवार को लगातार दूसरे दिन ब्रिगेडियर स्तर की वार्ता भी हुई। पैंगोंग झील के दक्षिणी इलाके में भारतीय सैनिकों की मजबूत स्थिति से बढ़ी चीन की बेचैनी को देखते हुए इस आशंका से इन्कार नहीं किया जा रहा कि चीनी सैनिक पलटवार के लिए सीमा पर दूसरे रणनीतिक इलाकों में खुराफात कर सकते हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ दो घंटे से अधिक चली बैठक में इस मसले पर गहन विचार-विमर्श किया। लद्दाख में तनाव कम करने के लिए भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच कल की बातचीत बेनतीजा रही। ब्रिगेड कमांडर स्तर की ये बातचीत लद्दाख के चुशूल में भारतीय इलाके में हुई थी। चीन के विदेश मंत्रालय ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव के लिए भारत को जिम्मेदार बताया है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि चीन ने किसी भी देश की एक इंच जमीन पर भी कब्जा नहीं किया।

Recent Posts

%d bloggers like this: