November 1, 2020

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राजनीतिक विद्वेषता, अहंकार और अहम का त्याग कर जनहित में कार्य करे हेमंत सरकारः अमर बाउरी

दुमका:- दुमका के देवतुल्य जनता और झामुमों कार्यकर्त्ताओं को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धोखा देने का काम किया है। दो विधानसभा सीट में से एक सीट छोड़ना वैद्यानिक वाध्यता होती है। दुमका विधानसभा सीट छोड़ने के बावजूद दुमका की जनता को बीते आठ में एक बार भी आभार प्रकट नहीं करना, इससे बड़ा दुमका की जनता के साथ धोखा कुछ और नहीं हो सकता। उक्त बातें प्रेसवार्ता आयोजित कर भाजपा जिला कार्यालय में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमर बाउरी ने कहा। उन्होंने कहा कि हेंमंत सोरेन को विधानसभा चुनाव 2019 में जीत को लेकर उपापोह की स्थिति थी। उनके लिए भी जीत अप्रत्याशित थी। इस तरह से सत्ता में हेमंत सोरेन आयेंगे, उनके लिए भी अचंभित करने वाली घटना थी। पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने संथाल परगना को विशेष रूप् से उर्वरा भरने का काम किया था। पूरे संताल परगना प्रमंडल का मुकुट के रूप में है दुमका विधानसभा। इस विधानसभा का परित्याग कर यहां की जनता को छलने का काम हेमंत सोरेन ने किया।
उन्होंने सिदो कान्हू मुर्मू के वंशज की हत्या पर वंशज परिवार से मिलने नहीं पहुंचे पर भी कहा कि संताल परगना से तीन-तीन मंत्री हुए। लेकिन किसी से शहीद के वंशज की सूधी नहीं ली। जिससे देश के अन्य प्रदेशों में राज्य की छवि खराब हुई है। कोरोनाकाल में भी हेमंत सरकार कवच या ढ़ाल के रूप में त्रासदी को अवसर बनाने का काम किया। हेमंत सोरेन कछुआ की तरह आवरण ओढ़ जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में कोरोनाकाल में लड़ाई लड़ने का काम किया गया। आत्म निर्भर भात का प्रोजेक्ट सरकार तैयार नहीं कर सकी। प्रवासी मजदूरों को रोजगार के दिशा में बड़े-बड़े होर्डिंग तक ही सिमट कर सरकार रह गई। बेरोगारी में जान जोखित में डाल पुनः मजदूर तीन गुणी के तादाद में दूसरे राज्यों में रोजगार की तलाश में लौटने को विवश हो गए प्रवासी मजदूर। हेमंत सरकार किस ओर जनता को ले जाना चाहते है यह समझ से परे है। सरकार के पास कोई विजन नहीं है। सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। पिछड़े, आदिवासी के हितैषी सरकार के बनते ही राज्य के गुदड़ी में 11 आदिवासी समुदाय के लोगों का नृशंस गला काट हत्या पर भी मूकदर्शक बनी रही सरकार। उग्रवाद अब सुदूर जंगलों से निकल रांची मुख्यालय तक पहुंच चुकी है। राजनितिक हत्याएं तेजी से बढ़ रही है। जिससे राज्य में भय का महौल व्याप्त हो गया है।
भाजपा के स्थानीय नेताओं का दिन दहाड़े हत्या हो रही है। ट्रेजरी खाली पड़ी है। पिछले आठ माह से संवेदकों का भुगतान नहीं हो पाया है। विधायक फंड पर रोक लगने के कारण विकास कार्य ठप पड़ा है। अमर बाउरी ने चंदनकियारी विधानसभा का जिक्र करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज बन कर तैयार हो चुकी थी। केवल शिलान्यास बाकी थी। जिसे राजनीति विद्वेषता के कारण आरक्षित सीट होने के बावजूद अलोकतांत्रिक तरीके से बंद करने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य में मनी मार्केटिग बिल्कुल बंद है। सरकार की ईच्छाशक्ति की कमी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कोयला, पत्थर और बालू पर गिद्ध दृष्टि डाल रखी है। बोकारो से लोग संताल परगना में अवैध वसूली करने पहुंच हुए है। जबरन वाहनों से वसूली की जा रही है। सरकार केवल भयादोहन करने का काम कर रही है। केवल अपने स्पेशल टैक्स की उगाही में लगी है। उन्होंने कहा कि इससे में स्थानीय विधायक और सांसद की भूमिका संदिग्घ है। खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे है। उन्होंने दलित युवक रंजीत तुरी का जिक्र करते हुए कहा कि दलित युवक से मारपीट मामले में प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है। क्या उनके राज्य में संविधान के तहत एक दलित युवक को न्याय नहीं मिलना चाहिए। बस सेवा चालू होने पर अमर बाउरी ने बस मालिकों को सब्सिडरी देने की मांग की।
जिससे मध्यम वर्गीय एवं निम्न वर्गीय परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ सके। उन्होंने राज्य सरकार से कोविड-19 काल में दिशा तय करने एवं आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने का मांग किया है। जेटेट, नेट सहित अन्य परीक्षार्थियों को सुरक्षा एवं सुविधा मुहैया करवाने का काम किया। साथ ही नसीहत देते हुए कहा कि राजनितिक अपरिपक्वता और राजनितिक विद्वेषता से काम करना बंद करे सरकार। जनता के द्वारा चुने गए सरकार सेवक होता है।
मालिक के रूप में व्यवहार नहीं कर चिंतन करने की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को मान सम्मान देते हुए अहंकार और अहम का त्याग कर कार्य करना होगा। अन्यथा जनता इसका उत्तर दुमका और बेरमो उपचुनाव में विराट प्रदर्शन कर चुनावी मतों से अपना हिसाब करेगी। इससे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रख पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का श्रद्धांजलि दिया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ लुईस मरांडी, जिला अध्यक्ष निवास मंडल, प्रवक्ता अजय गुप्ता, ओम केशरी, मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रशांत दास, दीपक बाउरी आदि उपस्थित थे।

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