October 23, 2020

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कंडक्टर यात्रियों को सेफ्टी से संबंधित देंगे जानकारी, बॉडी टेंप्रेचर जांच के बाद मिलेगी बस में एंट्री

समाहरणालय सभागार में एसडीओ लोकेश मिश्रा, डीटीओ प्रवीण कुमार प्रकाश ने बस संचालकों के साथ बैठक की

रांची:- झारखंड में 1 सितंबर से बस सेवा शुरू हो जाएगी। अब सफर करने वाले यात्रियों को हवाई यात्रा के दौरान जिस तरह सेफ्टी से संबंधित जानकारी दी जाती है, वैसे ही बस कंडक्टर भी यात्रियों को जानकारी देंगे। बताएंगे कि एक जगह बैठे। हाथ को सैनिटाइज करें। मास्क लगाकर ही सफर करें। वहीं, बस में प्रवेश से पहले यात्रियों का बॉडी टेंप्रेचर भी मापा जाएगा। दरअसल, यह निर्देश जिला प्रशासन की ओर से बस संचालकों को दी गई। इसके लिए समाहरणालय सभागार में एसडीओ लोकेश मिश्रा, डीटीओ प्रवीण कुमार प्रकाश ने बस संचालकों के साथ बैठक की। इसमें दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि परिवहन विभाग ने जो गाइडलाइन जारी किया है, उसका अनुपालन हर हाल में करना होगा। जिला प्रशासन की ओर से बस स्टैंड में माइकिंग की व्यवस्था कराई जाएगी। इससे लगातार यात्रियों को कोरोना से संबंधित बचाव की जानकारी दी जाएगी।

बस संचालकों ने दी जानकारी, एक यात्री को दो सीट करना होगा रिजर्व

बस संचालकों की ओर से एसडीओ को बताया गया कि परिवहन विभाग की ओर से दिए गए गाइडलाइन के अनुसार ही बस चलाई जाएंगी। विभाग ने बस की सिटिंग क्षमता का 50 प्रतिशत यात्रियों को सफर करने की अनुमति दी है। इसलिए हम लोग 50 प्रतिशत यात्रियों के साथ ही बस चलाएंगे। लेकिन डीजल का दाम बढ़ने और यात्रियों की संख्या 50 प्रतिशत करने के कारण संचालकों ने तय किया है कि भाड़ा नहीं बढ़ाया जाएगा। लेकिन एक यात्री को दो सीट रिजर्व करना होगा। मतलब अगर टू सीटर में कोई यात्री बैठता है तो उसे दोनों सीट का किराया देना होगा। क्योंकि, ऐसा नहीं करने पर वे बस का संचालन कर ही नहीं पाएंगे। हालांकि, पत्रकारों के पूछने पर एसडीओ ने बाद में कहा कि बस किराया में बढ़ोत्तरी नहीं होगी।

40 प्रतिशत ही बसें होंगी संचालित

बस मालिकों ने बस सेवा शुरू करने में विभिन्न समस्याओं की भी जानकारी एसडीओ को दी। उन्होंने बताया कि बीते पांच माह से बसों का परिचालन नहीं होने के कारण अब किसी भी बस को सड़क पर लाने में 80 हजार से एक लाख रुपए तक खर्च करने होंगे। क्योंकि, इतने दिनों से बंद रहने के कारण सेल्फ से लेकर टायर तक कई वाहनों के खराब हो गए। इसलिए अभी महज 40 प्रतिशत बसें ही संचालित की जाएंगी। इसमें भी कई वाहन मालिक के पास पैसे की कमी होगी तो अपनी बस को सड़क पर नहीं चला पाएंगे।

रजिस्टर मेंटेन करना अनिवार्य

जिला प्रशासन की ओर से सभी बस मालिकों को कहा गया कि कौन यात्री आपकी बस में चढ़ा, उसका नाम, कहां जाएगा, मोबाइल नंबर आदि पूरा डिटेल रजिस्टर में मेंटेन करना है। एसडीओ ने कहा कि हर ट्रिप पर सैनिटाइजेशन भी बस को करना होगा। जहां से बस खुलेगी, वहां जिला प्रशासन की ओर से चेकिंग भी की जाएगी कि सभी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

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