September 20, 2020

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बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे पर फर्जी डिग्री के आरोप को लेकर मामला दर्ज

हेमंत सरकार बदनाम कर सकती है, चार्जशीट नहीं कर सकती-निशिकांत दूबे

रांची:- झारखंड में गोड्डा के बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे पर देवघर के नगर थाने में एक और मामला दर्ज हुआ है। मामला देवघर के नगर थाने में दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता विष्णुकांत झा ने आवेदन देकर सांसद निशिकांत दूबे के फर्जी डिग्री होने की शिकायत की थी, जिसके बाद यह मामला दर्ज किया गया है।
मामला दर्ज होने की पुष्टि शुक्रवार को देवघर नगर थाना के प्रभारी ने की। शिकायतकर्ता झा ने आवेदन में कहा है कि सांसद निशिकांत दूबे अपनी चुनावी सभाओं में अपने आपको दिल्ली विश्वविद्यालय से पासआउट बताते हैं और लोगों को भरोसा दिलाते हैं कि उनकी बड़ी-बड़ी कंपनियों में पैठ है। वो लोगों को रोजगार दिला सकते हैं। ऐसा कहना एक भ्रामक चुनावी घोषणा है। जिससे जनता ठगी जाती है। निशिकांत दूबे और उनकी पत्नी अनामिका गौतम पर अलग-अलग मामलों में अभी तक चार एफआइआर दर्ज हो चुके हैं। इनमें से तीन एफआइआर के शिकायतकर्ता विष्णुकांत झा हैं और एक एफआइआर देवघर निवासी शशि सिंह की पत्नी किरण सिंह ने दर्ज करायी है। दो मामले जो सांसद की पत्नी अनामिका पर दर्ज हैं वो देवघर के एलओकेसी धाम में पैसे को लेकर गड़बड़ी का है। वहीं एक एफआइआर देवघर में शिवधाम नाम की प्रॉपर्टी को लेकर हुआ है। इस प्रॉपर्टी में जमीन खरीद-बिक्री को लेकर आरोप लगाये गये हैं। वहीं चौथा एफआइआर सांसद निशिकांत दूबे पर फर्जी सर्टिफिकेट के मामले को लेकर हुआ है।
इधर, सांसद निशिकांत दूबे ने ट्वीट कर कहा कि उनके और उनके परिवार के ऊपर लगातार हो रहे केस पर लोकसभा ने संज्ञान लेकर कमेटी ऑफ प्रिविलेज ने बारी-बारी से पुलिस महानिदेशक एमवी राव और देवघर के पुलिस अधीक्षक सहित तंग करने वाले लोगों को बुलाने का फैसला किया है।
एक अन्य ट्वीट में डॉ. निशिकांत दूबे ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पुलिस डीजीपी एमवी राव के नेतृत्व में केवल उन्हें बदनाम कर सकती है, केस कर सकती है, लेकिन चार्ज शीट नहीं कर सकती, क्योंकि उसके लिए लोकसभा अध्यक्ष से परमीशन की आवश्यकता होती है।

लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने देवघर के पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय को किया तलब

गोड्डा सांसद डा. निशिकांत दूबे की शिकायत पर लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने देवघर के पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय को तलब किया है। उन्हें आठ सितंबर को विशेषाधिकार समिति के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया है। सांसद ने बीते 16 जुलाई को विशेषाधिकार हनन की नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंपी थी। लोकसभा सचिवालय ने केंद्रीय गृहमंत्रालय को भी इस संबंध में सूचित किया है। राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह और गृह विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का को भी पुलिस अधीक्षक को तलब किए जाने वाले नोटिस की कॉपी दी गई है। सांसद का आरोप है कि उनकी मानहानि की जा रही है। सरकारी मिशनरी का दुरुपयोग उनको और उनके परिवार को तंग किया जा रहा है। उनके खिलाफ गलत तरीके से मुकदमे किए जा रहे हैं।

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