September 27, 2020

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RBI ने 2019-20 में नहीं छापा 2000 रुपये का एक भी नोट, जानें कितने पकड़े गए जाली नोट?

नई दिल्ली:- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साल 2019-20 में 2,000 रुपये के नए नोटों की छपाई नहीं की। इस दौरान 2,000 के नोटों का बहुत ही कम प्रसार हुआ है। रिजर्व बैंक की साल 2019-20 की वार्षिक रिपोर्ट में यह सूचना प्रदान की गई है। रिपोर्ट की माने तो, मार्च, 2018 के आखिरी तक चलन में मौजूद 2,000 के नोटों की संख्या 33,632 लाख थी, जो मार्च, 2019 के अंत तक घटकर 32,910 लाख पर आ गई। मार्च, 2020 के आखिरी तक चलन में मौजूद 2,000 के नोटों की संख्या एवं घटकर 27,398 लाख पर आ गई।

साल दर साल कम हुआ 2000 रुपए के नोट का प्रचलन

मार्च 2020 तक के डेटा की माने तो, भारत में सर्कुलेट हो रही कुल करेंसी में 2000 रुपए के नोटों की 2.4 प्रतिशत भागेदारी है। इससे पूर्व साल 2019 में यह आंकड़ा 3 प्रतिशत का था। वहीं मार्च 2018 की बात की जाय तो यह 3.3 प्रतिशत था।
500 तथा 200 रुपये के नोटों का बढ़ा चलन
रिपोर्ट की माने तो, साल 2018 से तीन साल के दौरान 500 और 200 रुपये के नोटों के प्रसार में गौरतलब वृद्धि हुई है। मूल्य और मात्रा दोनों के हिसाब से 500 और 200 रुपये के नोट का प्रसार काफी बढ़ा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2019-20 में 2,000 के करेंसी नोट की छपाई हेतु कोई आदेश नहीं दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लि. (बीआरबीएनएमपीएल) एवं सिक्योरिटी प्रिटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (एसपीएमसीआईएल) की तरफ 2,000 के नोट की कोई नई आपूर्ति नहीं की गई। आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2019-20 में कुल 2,96,695 जाली नोट पकड़े गए। इसमें से 4.6 प्रतिशत केंद्रीय बैंक के स्तर पर एवं 95.4 फीसद जाली नोटों का मालुम अन्य बैंकों के स्तर पर लगा। वर्ष 2019-20 में दो हजार के 17,020 जाली नोटों का मालुम लगा, जबकि वर्ष 2018-19 में 21,847 जाली नोट पकड़े गए थे।

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