September 21, 2020

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दिव्यांग जनों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने का केंद्र का राज्यों को आदेश

रांची:- सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग नई दिल्ली के द्वारा ष्ट्रीय खाद सुरक्षा अधिनियम की धारा 38 आलोक में देश के सभी राज्यों के प्रमुख सचिव / सचिव, खाद्य और नागरिक आपूर्ति को एक पत्र जारी किया है जिसमें खाद्य सुरक्षा कानून के तहत विकलांग व्यक्तियों को शामिल करने के लिए खाद्य सुरक्षा कानून धारा 38 के तहत राज्य सरकारों को निर्देश। 2013- के बारे में। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 खाद्य सुरक्षा कानून की धारा 10 में अंत्योदय अन्न योजना के तहत व्यक्तियों को कवरेज के लिए प्रावधान किया ग या है, इस पत्र में यह यह दोहराया गया है कि विकलांगता परिवारों के तहत लाभार्थियों को शामिल करने के मानदंडों में से एक है ।
इस संबंध में, सभी राज्यों – केंद्रशासित प्रदेशों को फिर से यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गइ है कि सभी विकलांग व्यक्ति, जो एनएफएसए के तहत लाभार्थियों की पहचान मानदंड के अनुसार पात्र हैं। छथ्ै। और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत खाद्यान्न जिन लोगों को पहले से कवर नहीं किया गया है, उन्हें पात्रता मानदंड के अनुसार जारी किए जाने वाले नए राशन कार्डों के साथ कवर किया जाना चाहिए।
भारत सरकार का आत्मनिर्भर भारत पैकेज उन व्यक्तियों के लिए है, जो एनएफएसए या किसी भी राज्य योजना पीडीएस कार्ड के तहत कवर नहीं हैं। इसलिए, राशन कार्ड के बिना विकलांग व्यक्ति भी आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत लाभ पाने के लिए पात्र होंगे। चूंकि यह योजना 31 अगस्त, 2020 को समाप्त हो जाएगी और इसके लिए अभी एक सप्ताह बाकी है, इसलिए यह अनुरोध किया जाता है कि राज्य / यूटीएस ऐसे विकलांग व्यक्तियों की पहचान कर सकते हैं जिनके पास राशन कार्ड नहीं है और उन्हें आत्म निर्भर नभारत पैकेज के तहत लाभ प्रदान करते हैं। यह योजना मई 2020 में शुरू हुई थी और यह माना गया था कि विकलांग सहित राशन कार्ड वाले सभी पात्र लाभार्थियों को कवर किया जाना चाहिए था। हालांकि, यह समझा जाता है कि विकलांगों सहित राशन कार्ड के बिना पात्र लाभार्थियों को वितरित करने के लिए राज्यों द्वारा अब तक उठाए गए राशन का उपयोग नहीं किया गया है। राज्यों से इस संबंध में सक्रिय कदम उठाने का अनुरोध किया गया है।
इस संबंध में झारखंड के दिव्यांग अधिकार मंच के संयोजक अजीत कुमार व और लक्ष्य फॉर डिफरेंटली एबल्ड के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह बताते हैं झारखंड राज्य के जिन दिव्यांग जनों के पास राशन कार्ड नहीं है वह कृपया अपने जन वितरण प्रणाली के माध्यम से अगस्त माह तक अति शीघ्र आवेदन करें और राशन कार्ड नहीं बनने तक भी उन्हें बिना राशन कार्ड के खाद्यान्न उपलब्ध कराने का प्रावधान है । राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून की देशव्यापी हेल्प नंबर 1967 पर खाद्यान्न आपूर्ति संबंधी शिकायत प्रत्येक नागरिक दर्ज कर सकता है साथ ही साथ राज्य सरकार के खाद्य एवं जन वितरण प्रणाली के टोल फ्री नंबर और एनएफएसए के पोर्टल पर भी इस संबंध में शिकायत की जा सकती है।

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