September 24, 2020

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अमेरिका ने बढ़ाई पाकिस्तान की टेंशन, सीरिया में इस्लामिक स्टेट आंदोलन में पाकिस्तानियों की भूमिका को लेकर शुरू की जांच

नई दिल्ली:- अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की टेंशन बढ़ने वाली है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट आंदोलन में पाकिस्तानियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है, जो प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए भी परेशानी खड़ी कर सकती है। जानकारों का कहना है कि FATF की ग्रे लिस्‍ट से बचने में लगे इमरान खान ने दो महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया है, लेकिन यूएस के इस कदम से उनकी टेंशन बढ़ सकती है। वहीं, अमेरिका समर्थित और मुख्य रूप से कुर्द सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज ने उन 29 लोगों की सूची साझा की है, जोकि पिछले एक दशक में इराक-सीरिया में अति-रूढ़िवादी कट्टरपंथी सुन्नी आंदोलन इस्लामिक स्टेट के लिए लड़ने के आरोप में उनकी हिरासत में हैं। इस मामले में दिल्ली और वाशिंगटन में आतंकवाद विरोधी अधिकारियों के अनुसार, शॉर्टलिस्ट में चार पाकिस्तानी शामिल हैं, जिन्होंने तुर्की और सूडान जैसे किसी अन्य देश की नागरिकता हासिल की थी। पकड़े गए 29 में से नौ ISIS लड़ाके महिलाएं हैं। सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी सुरक्षा बल वर्तमान में इन पाकिस्तानी नागरिकों से पूछताछ कर रहे हैं, जिनमें उन्हें सीरिया में ISIS के लिए लड़ने के लिए और अल कायदा जैसे आतंकवादी समूहों या पाकिस्तान में स्थित किसी भी अन्य इस्लामिक समूह के साथ उनके पिछले जुड़ावों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि अफगानिस्तान में खुरासान प्रांत के तथाकथित इस्लामिक स्टेट के साथ पाकिस्तानी का गहरा रिश्‍ता रहा है, इसलिए पूछताछ में भी अगर कोई भूमिका होगी तो उसका पता चल जाएगा। अफगानिस्तान में आईएस की मौजूदगी का संदर्भ इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत या आईएसकेपी की ओर इशारा करता है, जिसने काबुल के मध्य में गुरुद्वारे सहित नागरिक प्रतिष्ठानों पर कई हमले किए थे। ISKP प्रमुख असलम फारूकी के पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के स्पष्ट लिंक हैं और वह एक पाकिस्तानी नागरिक भी था। उसको बमबारी के लिए गिरफ्तार किया गया था।

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