December 1, 2020

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तबलीगी जमात की चार महिला समेत 17 विदेशी जमातियों को मिली जमानत

राँची:- झारखंड उच्च न्यायालय ने तबलीगी की चार महिला सदस्य समेत 17 विदेशी जमातियों को बुधवार को जमानत दे दी। ये सभी 7 अप्रैल से रांची की जेल में वीजा उल्लंघन के आरोप में बंद थे। 17 विदेशी जमातियों में मलेशिया के आठ, इंग्लैंड के तीन, जाम्बिया के 3, बांग्लादेश के दो और त्रिनिदाद एंड टुबैगो आयरलैंड के दो लोग शामिल है। वहीं एक स्थानीय निवासी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अदालत में सरकार की तरफ से मजबूती से पक्ष रखकर यह बताया गया है कि कोरोना महामारी में यह छिपे थे, लेकिन कोर्ट ने यह मानने से इनकार करते हुए कहा कि ये छिपे नहीं हुए थे, फंसे हुए थे। हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने इन सभी को जमानत दी।

कोरोना पॉजिटिव का पहला केस

17 विदेशी जमातियों में शामिल एक मलेशियाई महिला 31 मार्च को कोरोना पॉजिटिव पायी गयी थी, यह झारखंड में कोरोना संक्रमण का पहला मामला था। जिसके बाद रांची का हिन्दपीढ़ी इलाका कंटेनमेंट जोन में बदल गया और इस इलाके से दर्जनों कोरोना संक्रमित मरीज की पुष्टि हुई। वहीं जिस पहली मलेशियाई महिला कोरोना पॉजिटिव मिली थी, वह कुछ दिनों बाद स्वस्थ हो गयी।

निचली अदालत से खारिज हुई थी जमानत

तबलीगी जमात से जुड़े 17 विदेशियों की जमानत याचिका 12 मई को निचली अदालत ने खारिज कर दी थी। आरोपियों की ओर से तर्क दिया गया था कि वे भूलवश लॉकडाउन में फंस गये थे, इसलिए जमानत दे दी जाए। लेकिन रांची सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी फहीम किरमानी ने कहा कि यह पासपोर्ट एक्ट और वीजा एक्ट का मामला बताते हुए जमानत याचिका निरस्त कर दी थी।

7अप्रैल को दर्ज हुई थी प्राथमिकी

तबलीगी जमात में शामिल 17 लोगों के खिलाफ 7 अप्रैल को रांची के हिन्दपीढ़ी थाना क्षेत्र में वीजा उल्लंघन, एपिडेमिक डिजीज एक्ट, द फॉरेन एक्ट और नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। बाद में इन सभी को रांची के होटवार स्थित कैंप जेल और बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया था।

30मार्च को हुए थे गिरफ्तार

रांची पुलिस ने 30 मार्च को हिन्दपीढ़ी बड़ी मस्जिद एवं मदीना मस्जिद में छिपे तबलीगी जमात से जुड़े 17 विदेशियों और एक स्थानीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। इनमें चार विदेशी महिलाएं भी थी। पुलिस टीम ने सभी को मेडिकल निगरानी के लिए क्वारंटाइन करते हुए खेलगांव स्थित आइसोलेशन सेंटर में भेज दिया था, इनमें से दो विदेशी कोरोना संक्रमित पाये गये, जिसके बाद उन्हें रिम्स के कोविड वार्ड में भर्त्ती कराया गया और स्वस्थ होने के बाद जेल भेज दिया गया था।

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