November 28, 2020

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ऑनलाइन तकनीक से विद्यार्थियों का सत्र विलंब नहीं होगा : राज्यपाल

वेबिनार के माध्यम से केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड द्वारा आयोजित गोष्ठी को संबोधित किया

राँची:- राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज लगभग पूरा विश्व नोवेल कोरोना कोविड-19 जैसे गंभीर समस्या व महामारी से त्रस्त है। लोगों के जनजीवन पर प्रभाव पड़ा है। शिक्षण संस्थान बन्द हैं। कहीं भी प्रत्यक्ष तौर पर इस माहौल में गोष्ठी का आयोजन करना उचित नहीं होगा। ऐसे में इस प्रकार के तकनीक का सहारा ही शेष रह जाता है। आज इस तकनीक से गोष्ठी के आयोजन करने के साथ-साथ पढ़ाई भी करवा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रयास से विद्यार्थियों का सत्र विलंब नहीं होगा। राज्यपाल सोमवार को वेबिनार के माध्यम से केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड द्वारा आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रही थी।
राज्यपाल ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण दौर में इस प्रकार की संगोष्ठी से महिला प्रतिभागियों में आत्मबल, आत्मसम्मान और सशक्तीकरण का न केवल एहसास होगा, बल्कि उसे और प्रोत्साहन एवं मनोबल प्राप्त होगा। वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर रहेंगी। साथ ही पुरूषों का भी दायित्व है कि वे संवेदनशील एवं ईमानदार होकर महिलाओं में निहित प्रतिभा को सम्मान दें। राज्यपाल ने कहा कि लैंगिक समानता में सुधार के बावजूद अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। इस प्रकार के संगोष्ठी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, आवश्यक है- लोगों के विचारों में परिवर्तन लाने की, उनमें जागरूकता लाने की।
उन्होंने कहा कि अमूमन भारतीय समाज को एक परुष प्रधान समाज माना जाता है। इस अवधारणा को बदलना होगा। पुरूषों और महिलाओं, दोनों को साथ मिलकर चलने होंगे। हालांकि कुछ वर्षों में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक स्थिति बेहतर हुई है। लड़कियाँ पढ़ने में रूचि दिखा रही है। राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा से सफलता अर्जित की है। उन्होंने कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं, जिसकी पूरी दुनिया सराहना करती है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सषक्त बनाने के लिए कई योजनायें संचालित हैं। यह कहते हुए बहुत खुषी हो रही है कि महिला स्वयं सहायता समूह विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय काम कर रही है।
इस वेबिनार गोष्ठी को केंद्रीय विश्वविद्यालय झज्ञरखंड के कुलपति प्रो. नंद कुमार यादव इन्दु के अलावा देश के विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति, शिक्षाविद और बुद्धिजीवियों ने भी संबोधित किया।

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