November 30, 2020

अनावरण न्यूज़

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किशनगंज में मंडराया बाढ़ का खतरा,संबंधित विभाग के अधिकारी हरकत में

किशनगंज:- पहाड़ी सहित भारत- नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण कनकई नदी में उफान और खतरे निशान को पार के बाद किशनगंज जिले के कई प्रखंडो में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं डी एम डाॅ आदित्य प्रकाश के निर्देश के आलोक में संबंधित क्षेत्र के बीडिओ व सी ओ लगातार प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। लोगों को चिन्हित सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में लगातार ही रही बारिश के कारण भारी मस्तक का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित क्षेत्र के गांव में बाढ़ का पानी घुसने के कारण लोग जान- माल की सुरक्षा के खातिर उंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। यहां कनकई नदी के आसपास के प्रखंड दिधलबैंक क्षेत्र के सिंधीमारी ,लोहागाड़ा पंचायत के गांव पलसा,राहीमोनी,दरगाह कंचनबाड़ी में बाढ़ का पानी घुस गया है। टेढागाछ ,बाहदुगंज, कोचाधामन सहित पूर्णियां जिले के कई प्रखंडो में महानंदा एवं डौक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण खतरा मडराने लगा है ।
वही भारतीय मौसम विभाग पटना के द्वारा जारी रिपोर्ट में 59.1 एमएम बारिश रविवार सुबह सात बजे तक हो चुकी है । महानंदा बैराज से 672.766 क्यूमेक पानी छोड़ा गया है। महानंदा नदी तैयबपुर में खतरे के निशान से 66 मीटर के ऊपर 48 सेंटीमीटर पर , कनकई चरघरिया खतरे के निशान के 46. 94 के करीब 46.26 मीटर पर है तथा नेपाल के तराई क्षेत्र में गलगलिया मेची नदी का जलस्तर खतरे के निशान 82.3मीटर के करीब 80.63 मीटर बढ़ते क्रम में बह रही है ।डौक बराज के द्वारा 100.361 क्यूमेक पानी छोड़ा गया है।
इसीलिए यहां जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी लगातार संबंधित प्रभावित क्षेत्र में दौरा कर लोगों को सतर्क करने एवं प्रभावित क्षेत्र में उचित सभी संसाधन के व्यवस्था में लगे हुए हैं।

जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार सभी अधिकारी हरकत में हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों का निरंतर दौरा कर हालात पर अपनी नज़र बनाए हुए हैं। ,वही आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में संचार यंत्रों से लोगों को सतर्क किया जा रहा है।

संवाददाता सुबोध

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