November 24, 2020

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बोकारो स्टील प्लांट के फ्लाई ऐश से महुआर सहित कई गांव वायु प्रदूषण की चपेट में

पौंड के आसपास के ग्रामीण इलाकों में प्रदूषण का अधिक प्रसार ना हो : एसडीओ

बोकारो:- बोकारो स्टील प्लांट के फ्लाई ऐश की ट्रांसपोर्टिंग के दौरान महुआर सहित कई गांव वायु प्रदूषण की चपेट में आ जाते हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पूर्व में उपायुक्त श्री मुकेश कुमार से की थी। इस समस्या के समाधान के लिए अनुमंडल पदाधिकारी चास शशि प्रकाश सिंह ने आज दिनांक 11 जुलाई, 2020 को बोकारो स्टील प्लांट और बीपीएससीएल के अधिकारियों के साथ अपने कार्यालय कक्ष में बैठक किया। बैठक के दौरान प्रभावित गांव के ग्रामीण भी मौजूद रहे।
अनुमंडल पदाधिकारी चास शशिप्रकाश सिंह ने कहा कि फ्लाई ऐश के कार्य में लगे जो भी ठेकेदार, वाहन या डंपर डस्ट या छाई ढोने का कार्य कर रहे हैं उनको पूरी तरह से त्रिपाल से ढाका जाना चाहिए इसकी व्यवस्था बीएसएल प्रबंधन सुनिश्चित करें साथ ही समय-समय पर इस मार्ग पर बीएसएल प्रबंधन द्वारा लगातार पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए ताकि डस्ट या छाई का प्रसार ग्रामीणों के बीच ना हो सके। उन्होंने ने ग्रामीणों के प्रतिनिधियों से कहा कि पौंड के आसपास के ग्रामीण इलाकों में प्रदूषण का अधिक प्रसार ना हो। ऐसा कोई भी वाहन उस मार्ग पर नहीं चलेंगे जो त्रिपाल से ढाका ना हो, ऐसा नहीं करने पर वाहन मालिकों एवं प्रबंधन के विरुद्ध जिला प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनके स्वास्थ्य तथा अन्य जरूरत की चीजों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रही है।
अनुमंडल पदाधिकारी चास शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि धनबाद के राजगंज में एनएचआई का काम चल रहा है। जहां फ्लाई ऐश की आवश्यकता है। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार एनएचआई को फ्लाई उपलब्ध कराना भी आवश्यक है और ग्रामीणों की समस्या का समाधान भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि फ्लाई ऐश की ट्रांसपोर्टिंग का मार्ग बदलने पर विचार विमर्श किया गया।
अनुमंडल पदाधिकारी चास शशिप्रकाश सिंह ने बताया कि बोकारो स्टील प्लांट और बीपीएससीएल के अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर वैकल्पिक मार्ग तलाशने की सलाह दी है ताकि ग्रामीणों की समस्या का समाधान भी हो सके और एनएचआई को फ्लाई एस की आपूर्ति भी की जा सके। उन्होंने कहा कि पुनः 10 दिनों के बाद बैठक कर समस्या का समाधान की जानकारी देने की बात कही।
ज्ञातव्य हो कि फ्लाई ऐश के कचरे (डस्ट या छाई) के कारण इसके आसपास के ग्रामीण काफी परेशान हैं। पौंड के छाई या डस्ट की वजह से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा प्रभाव पड़़ ही रहा है साथ ही साथ ग्रामीणों का जनजीवन को भी यह पूरी तरह से बाधित कर रहा है। पौंड के छाई रूपी कचरे का उठाव तथा निकासी के लिए उपयोग में हानेवाले वाले वाहन एवं डंफर आसपास के गांवों में छाई या डस्ट को उड़ाने या फैलाने का कार्य लगातार कर रहे है। छाई लदे वाहनों की वजह से ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। इस पर उपायुक्त श्री मुकेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जांच कमिटी अनुमंडल पदाधिकारी चास श्री शशि प्रकाश सिंह के नेतृत्व में बनाने का निदेश दिया था, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन के स्तर से किया जा सके। इस कमिटी में जिला प्रशासन के अधिकारियों के अलावे बीएसएल प्रबंध के सदस्य एवं ग्रामीणों को भी शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बीएसएल प्रबंधन से वार्ता कर जल्द इस दिशा में कमिटी के माध्यम से जांच करते हुए सकारात्मक पहल करने की दिशा में कार्रवाई करने की बात कहे।

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