November 24, 2020

अनावरण न्यूज़

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लॉकडाउन ने लौटाई खुशियां, 22 साल पहले नाराज होकर घर छोड़ने वाला पुत्र वापस लौटा

देशव्यापी पूर्ण तालाबंदी में सर्कस बंद होने से बेरोजगार हुआ, तो आयी घर की याद

राँची:- वैश्विक महामारी कोरोना वायरस कोविड-19 को लेकर देश में लागू लॉकडाउन ने जहां एक तरफ पूरे देश को परेशान कर रखा है, आम से लेकर खास लोग घरों में दुबकने को विवश हैं। वहीं दूसरी ओर यह लॉकडाउन चतरा के एक मजदूर परिवार के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। मां की सुनी आँचल को फिर से गुलजार कर दिया है, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। वह ऐसे खुश नसीब मां-बाप हैं कि जिनका 22 साल पहले मर चुका बेटा लॉकडाउन के दौरान घर लौट आया है।
परिजनों ने मृत समझ कर धार्मिक नियमों के अनुरूप श्राद्ध भी कर दिया था
दरअसल हैरान कर देने वाली यह कहानी चतरा जिले के सलीमपुर गांव की है। यहां के रहने वाले मजदूर शराफत अंसारी का बेटा अफताब अंसारी 22 साल पहले वर्ष 1998 में अचानक घर से गायब हो गया था। जिसके बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अफताब के 22 पहले गुम हो जाने के बाद परिवार वालों ने उसे मृत घोषित कर धार्मिक नियमों के अनुरूप श्राद्ध कर दिया। ऐसे में वही मरा हुआ बेटा जब गांव के कुछ मजदूरों के साथ 22 साल बाद वापस घर पहुंचा तो उसे जिंदा देखकर परिजन हैरान थे पिता को यकीन नहीं हो रहा था कि यह उन्हीं का बेटा है जिसका 22 साल पहले उन्होंने मृत घोषित कर अंतिम क्रिया कर दिया था गांव वाले आफताब को देख हक्के बक्के रह गए।

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