December 3, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

रिश्तो में दरार, कोरोना संक्रमित मां की अंत्येष्टि से बेटे ने किया इंकार

कोरोना संक्रमित महिला के शव लाये जाने की सूचना पर बर्निंग घाट का कर्मचारी भी भाग निकला

जमशेदपुर:- वैश्विक महामारी कोरोना काल में सामाजिक रिश्ते भी तार-तार हुए है, महामारी का लोगों में इस तरह से खौफ बैठ गया है कि कोरोना संक्रमित मां की अंत्येष्टि करने से पुत्र ने इंकार कर दिया। जिसके बाद बिना रीति-रिवाज के ही इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में मृतका के शव को फर्नेस में रखकर जला दिया गया।
जमशेदपुर में शनिवार को दो कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के बाद रविवार को जिला प्रशासन की देखरेख में आईसीएमआर के गाइडलाइन के मुताबिक अंत्येष्टि की प्रक्रिया शुरू की गयी। जिला प्रशासन और पुलिस के लोग शव को जलाने के लिए स्वर्णरेखा स्थित बर्निंग घाट पहुंचे, लेकिन कोरोना संक्रमित का शव आने की सूचना मिलते ही घाट का कर्मचारी मौके से गायब हो गया। काफी देर तक पुलिस-प्रशासन को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर कर्मचारी कहां गया, खोजबीन के दौरान पता चला कि वह कोरोना संक्रमित शव के पास आना नहीं चाहता था। बाद में प्रशासन की ओर से पार्वती घाट के बर्निंग यूनिट के कर्मचारी को बुलाया गया और मृत महिला का अंतिम संस्कार किया गया।
इधर, कोरोना वायरस संक्रमित महिला की मौत के बाद परिजनों ने भी किनारा कर लिया। यहां तक तक कि उसके बेटे ने भी सबके साथ अंतिम संस्कार में आने से साफ मना कर दिया। उसने मृतका के शव को कंधा देना भी मुनासिब नहीं समझा और उसने प्रशासन से अनुरोध किया कि वह लोग स्वयं उसका अंतिम संस्कार कर दें। उसे मां के शव से कोई लेना देना नहीं है। प्रशासनिक सख्ती के बाद वह श्मशान घाट तो आया लेकिन अंतिम संस्कार के कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी । इतना ही नहीं श्मशान घाट पहुंचने पर भी बेटे ने जिला प्रशासन और पुलिस के साथ काफी दूरी बनाये रखा, इस दौरान पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे काफी समझाया,प्रशासन की ओर से पीपीई किट भी उपलब्ध कराया गया, लेकिन वह किसी कीमत पर शव के निकट आने को तैयार नहीं था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि की बेटे ने शव को कंधा देने के साथ-साथ पीपीई भी पहनने से मना कर दिया, जिसके बाद बिना विधि विधान के ही महिला के शव को फर्नेस पर रखकर अंत्येष्टि कर दी गयी।
इससे पहले सुबह में एक अन्य कोरोना संक्रमित बुजुर्ग की अंत्येष्टि करने के दौरान पुलिस को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान भीड़ द्वारा पत्थरबाजी भी की गयी,जिसमें दो महिला पुलिसकर्मी घायल भी हो गयी। बाद में हल्का प्रयोग करने के बाद अंत्येष्टि संपन्न हो सका था। वहीं पुलिस पर हमला करने के मामले में कई महिलाओं समेत दस लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

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