November 29, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

विशेष केंद्रीय सहायता योजनान्तर्गत ज़िला स्तरीय समिति की बैठक

प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना प्राथमिकता : उपायुक्त

हजारीबाग:- हजारीबाग के उपायुक्त डॉ भुवनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को सूचना भवन सभागार में विशेष सहायता योजनान्तर्गत जिलास्तरीय समिति की बैठक हुई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा लॉक डाउन में महानगरों व बाहर से आए अकुशल प्रवासियों को श्रमिकों के रूप में संवेदक को रोज़गार मुहैया करवाना है यह सम्बंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता सुनिश्चित कराएंगे,साथ ही निर्माण कार्य में बिना अनुमति जेसीबी का उपयोग न हो यह भी सुनिश्चित करें। विशेष परिस्थिति में ही सक्षम प्राधिकार से अनुमति के बाद ही बाहर के श्रमिकों से काम लिया जा सकता है। उन्होंने कार्यपालक अभियंताओ से कहा की आने वाले 125 दिनों में कितने किलोमीटर सड़क,पूल-पुलिया,नए भवन,आंगनबाड़ी केन्द्र बना सकते हैं इसकी सूची विस्तृत कार्ययोजना के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। वन विभाग की ओर से विकास योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी समस्याओं को समन्वय बना निस्तारण करने सहित वन क्षेत्र के रेंजर्स को अनावश्यक बाधक न बनने को कहा। कार्यपालक अभियंता की ओर से उपायुक्त को बताया गया कि विभाग स्तर से नए शेडयूल की दर निर्धारण का कार्य प्रक्रियाधीन है, साथ ही नया टेन्डर करने पर अस्थाई रोक लगी हुई है। इस पर उपायुक्त ने कहा विशेष परिस्थिति में अनुमति ले कर वर्तमान रेट पर ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करें बाद में नया निर्धारित दर आने पर उस दर से भुगतान किया जाएगा।
निर्माणाधीन अधूरे काम में तेजी लाते हुए 120 दिनों में पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने पुराने व जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों को क्डथ्ज् के माध्यम से मरम्मत करने की बात कही। श्रम विभाग को निदेश दिया कि सूचीबद्ध किए गए अकुशल श्रमिकों की सूची सभी कार्यपालक अभियंता को उपलब्ध कराएं।
पशुपालन, मुर्गी, बकरी पालन से रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सखी मंडलों को जोड़ शेड निर्माण, ऋण की उपलब्धता, अनुदानित दर पर गाय, चूजा, बकरी उपलब्ध कराने को तेजी लाने के लिए कहा। साथ ही अन्य सभी विभागों को सक्रिय हो रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए निर्देशित किया।
उन्होंने कहा इस योजना का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण अंतरालों (गैप) को पूरा करने के लिए संसाधन प्रदान करके गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले अनुसूचित जातियों के व्यक्तियों के आर्थिक विकास की परिवारोन्मुख योजनाओं पर ध्यान देना है। चूंकि अनुसूचित जातियों के लिए योजनाएं/कार्यक्रम उपलब्ध स्थानीय व्यवसायगत प्रतिमान और आर्थिक कार्यकलापों पर निर्भर हो सकते हैं इसलिए राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को केवल इस शर्त के साथ एससीए का उपयोग करने में पूर्ण सुनम्यता प्रदान की गई है कि इसे एससीपी तथा विभिन्न निगमों, वित्तीय संस्थाओं इत्यादि जैसे अन्य स्रोतों से उपलब्ध अन्य संसाधनों के संयोजन के साथ उपयोग में लाया जाना चाहिए।

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