November 25, 2020

अनावरण न्यूज़

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बड़ी मात्रा में बेशकीमती वृक्षों को काटे जाने से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

चतरा:- चतरा दक्षिणी वन प्रमंडल मुख्यालय से करीब पंद्रह किलोमीटर की दूरी पर असमाजिक तत्वों में वन भूमि पर लगे एक दर्जन विशालकाय व फलदार वृक्षों को काट दिया है। जिससे न सिर्फ वन विभाग के प्रति बल्कि निजी स्वार्थ में पेड़ों को काटने वाले लोगों के विरुद्ध ग्रामीण आक्रोशित हैं। असमाजिक तत्वों द्वारा वन भूमि पर लगे पेड़ों और ग्रामीणों द्वारा संरक्षित जंगल को काटकर खेल का मैदान बनाया गया है। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि पूरे मामले की जानकारी होने के बाद भी वन विभाग अबतक पूरे मामले में खामोश बना बैठा है। दरअसल मामला वन प्रमंडल अंतर्गत तुरी गांव का है। जहां खेल का मैदान बनाने के नियत से न सिर्फ कुछ लोगों ने कानून को सरेआम हाँथ में लिया है बल्कि पुराने व ग्रामीणों के भावनाओं से जुड़े जंगल व उसके पेड़ों को काटकर ग्रामीणों के आस्था पर न सिर्फ कुठारघात किया है बल्कि उन्हें आर्थिक छोट भी दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि असमाजिक तत्वों द्वारा खेल का मैदान बनाने के उद्देश्य से जेसीबी व अन्य वाहनों के माध्यम से महुआ, सखुआ और पलास के पेड़ों को काटा गया है। जिसे उनके पूर्वजों ने न सिर्फ अपने हांथो से लगाया था बल्कि सभी ग्रामीण उसकी नियमित रक्षा भी करते आ रहे थे। इतना ही नहीं इन पेड़ों से निकलने वाले फलों से पूरे क्षेत्र के ग्रामीण आर्थिक रूप से सुदृढ भी होते थे। लेकिन निजी स्वार्थ के चक्कर मे लाखों रुपये के पेड़ों को काटकर लोगों ने बहुत बड़ा अपराध किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेड़ो की कटाई की त्वरित सूचना वन विभाग की टीम को भी दी गई थी। जिसके बाद विभाग के लोग मौके पर पहुंचे थे। लेकिन सिर्फ मामले की जांच के नाम पर लीपापोती का प्रयास किया गया है। ग्रामीणों ने पूरे मामले में आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। वृद्ध ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया। लेकिन किसी ने बुजुर्गों की एक नहीं सुनी। उल्टा काम बिगाड़ने का आरोप लगाकर बुजुर्गों का तिरस्कार किया। वन विभाग के अधिकारियों ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही है।

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