December 1, 2020

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राँची रेल मंडल पर कार्यरत सभी डॉक्टर्स के कार्य कों कोविड-19 के लिए सराहा गया

राँची:- डॉक्टर्स के समर्पण कार्य के प्रति निष्ठा, ईमानदारी एवं उनके लगन को सम्मान एवं आदर देने के लिए प्रतिवर्ष 01 जुलाई को डॉक्टर्स डे मनाया जाता हैं। इसी क्रम में राँची रेल मंडल पर कार्यरत सभी डॉक्टर्स के कार्य कों कोविड-19 के लिए सराहा गया।

विश्व में डॉक्टरों को बहुत सम्मान दिया जाता है।समाज में इनका स्थान पूजनीय होता हैं तथा इनकी तुलना ईश्वर से भी कि जाती है। डॉक्टरों ने यह दर्जा मनुष्य जीवन को बचाने के लिए अपने समर्पित कार्य से प्राप्त किया हैं।

राँची रेल मंडल पर कोरोना महामारी के संकट में डॉक्टर्स ने अहम् भूमिका निभाई है।प्रतिवर्ष 01 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता हैं, लेकिन इस वर्ष कोरोना महामारी संकट के वजह से स्तिथि अलग हैं। पूरा विश्व कोरोना महामारी से ग्रसित हैं जिसके कारण 24 मार्च 2020 से पूरे भारत देश में लॉकडाउन कर दिया गया था, इस दौरान शहर के लगभग सभी सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों का उपचार करना लगभग बंद हो गया था, लेकिन हटिया स्थित राँची मंडल के अस्पताल में ओपीडी एवं चिकित्सा की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रही साथ ही मंडल के रांची, हटिया, मुरी एवं लोहरदगा स्टेशनों एवं अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रही।

लॉकडाउन के दौरान राँची रेल मंडल पर कार्यरत सभी डॉक्टर ने पूरी निष्ठा एवं लगन से कोविड-19 के रोकथाम हेतु योगदान दिया।

हटिया स्थित मंडल अस्पताल को कोविड-19 अस्पताल घोषित कर दिया गया एवं हटिया स्थित आरपीएफ बैरक में 50 बेड का सभी सुविधाओं से युक्त आइसोलेशन वार्ड कोविड सेंटर बनाया गया जिसमें मंडल के सभी डॉक्टर अपनी सेवा देने के लिए हमेशा तत्पर हैं, साथ ही अपने कार्य के प्रति निष्ठा दिखाते हुए मरीज़ों के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहे।

इसके पश्चात राँची रेल मंडल पर दिनांक 01 मई 2020 से श्रमिक ट्रेनों का, 14 मई से राजधानी स्पेशल ट्रेनों का तथा 01 जून से जनशताब्दी ट्रेनों का परिचालक शुरू किया गया। इन ट्रेनों में श्रमिकों एवं यात्रियों के आगमन एवं प्रस्थान के दौरान राँची रेल मंडल के डॉक्टर्स कि टीम का सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा।

श्रमिक ट्रेनों एवं अन्य स्पेशल ट्रेनों द्वारा आने तथा जाने वाले यात्रियों के लिए कोरोनावायरस के प्रोटोकॉल का पालन करना, यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग करना, सामाजिक दूरी का पालन करना एवं हाथों को सैनिटाइज कराना तथा यह सुनिश्चित करना की आने तथा जाने वाले यात्रियों में कोरोनावायरस के लक्ष्ण नहीं है, साथ ही इन ट्रेनों से यात्रा कर रहे यात्रियों मैं किसी यात्री को बीमार पाया गया तो उसे तुरंत मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई।

कोविड-19 के संक्रमण के इस दौर में रांची रेल मंडल के डॉ जी सी हेम्ब्रम मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मंडल अस्पताल हटिया, डॉक्टर संजीव कुमार अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रांची, डॉक्टर झरिया कच्छप अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मुरी, डॉक्टर एन लकडा, डॉक्टर बी साहू, डॉ विवेक सहाय, डॉक्टर सलोनी, डॉक्टर नीलम दयाल, डॉ एस कपूर, डॉक्टर भुजबल, डॉक्टर पी मिश्रा तथा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ का विशेष योगदान रहा।

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