November 25, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

आयुष मंत्रालय ने पतंजलि के कोरोनिल को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाली दवा के तौर पर दी मंजुरी

आयुष मंत्रालय ने मंगलवार को एक इम्यूनिटी बढ़ाने वाली दवा के रूप में पतंजलि के कोरोनिल की बिक्री को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही तीन दवाएं बनाने का लाइसेंस दिया और नियमों के तहत क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति दे दी है। हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि बाबा रामदेव की कंपनी कोरोनावायरस के इलाज के दावे के साथ अपनी दवा नहीं बेच पाएगी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि कोरोनील अपनी पैकेजिंग पर COVID-19 का उल्लेख नहीं कर सकता है।

पतंजलि आयुर्वेद ने पिछले सप्ताह कोरोनिल नामक एक दवा लॉन्च की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह एक सप्ताह के भीतर सभी COVID-19 रोगियों को ठीक कर दिया गया। दावे के बाद केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने कहा कि जब तक वह इस मुद्दे की जांच नहीं कर लेती, तब तक पतंजली कोरोनिल को नही बेच पायेगी ।

वहीं उत्तराखंड के आयुर्वेद विभाग ने नोटिस जारी करते हुए कहा की कि फर्म ने केवल एक लाइसेंस के लिए आवेदन किया था ताकि वो इम्यूनिटी बढ़ाने वाली दवा बना सके। पतंजलि आयुर्वेद में कोरोना वायरस की दवा बनाने के लिए कोई लाइसेंस नहीं लिया था। विभाग के नोटिस के जवाब में, हरिद्वार स्थित कंपनी COVID-19 का ‘इलाज’ खोजने के अपने दावे से पीछे हट गई।

कंपनी ने कहा कि उसने कोरोना किट नामक कोई उत्पाद नहीं बेचा है और न ही इसे कोरोनावायरस के खिलाफ एक उपचार के रूप में प्रचारित किया है। लेकिन इसमें कहा गया है, “हमने मीडिया के समक्ष दवा के सफल परीक्षण को रखा था।” कंपनी ने कहा कि इसने केवल एक कार्टन में दिव्य स्वसरी वटी, दिव्य कोरोनिल टैबलेट और दिव्य अनु तेल नामक दवाइयां पैक की थीं। यह भी दावा किया कि कंपनी ने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है और इसके खिलाफ कार्रवाई का सवाल ही नहीं उठता।

इसके अलावा, पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने गुरुवार को कहा कि दवा के निर्माण के लिए सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया, कोरोनिल, और उन्होंने लाइसेंस प्राप्त करते समय कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने कोरोनावायरस संक्रमण के लिए स्व-उपचारित “इलाज” का विज्ञापन नहीं किया और लोगों को इसके प्रभावों के बारे में बताने की कोशिश की।

Recent Posts

%d bloggers like this: