November 29, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

एथलीट के टैलेंट को जिला स्तर पर तराशने की कोशिश होगी : डॉ ललित भनोट

राँची:- एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया और झारखण्ड एथलेटिक्स एसोसिएशन के सभी जिला संघ के अध्यक्ष एवं जिला सचिव के साथ ऑनलाइन बैठक की गई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर एथलेटिक्स को विकसित करना जिससे अधिक से अधिक एथलीट अपनी प्रतिभा को दिखा सके।
इस बैठक के पूर्व में झारखण्ड एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मधुकांत पाठक ने एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया और झारखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन के सभी जिला संघ के अध्यक्ष सचिव का स्वागत किया उन्होंने बताया की बहुत दिनों बाद एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और झारखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन के सभी जिला संघ के अध्यक्ष एवं सचिव के साथ ऐसी मीटिंग का आयोजन किया जा रहा है यह बहुत अच्छी बात है कि इस तरह की मीटिंग से सर्वोच्च संस्था के साथ को-आर्डिनेशन बना रहता है। इसके पश्चात एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के डिप्टी चीफ कोच श्री राधाकृष्णन ने बताया की झारखंड से मेरा अधिक लगाव रहता है क्योंकि यहां के कोच,ऑफिशियल और पदाधिकारी ग्रास रूट पर मेहनत करते हैं इसके पश्चात एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के हाई परफॉर्मंस डायरेक्टर हरमन वोल्कर ने बताया की मैं बहुत सी प्रतियोगिताओ में झारखंड गया हूं यहां का वातावरण एथलेटिक्स के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं और यहां से अच्छे एथलीट की निकलने की संभावना है। इसके पश्चात एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री आदिल सुमारिवाला ने अपना वक्तव्य दिया उन्होंने कहा कि हम जिला स्तर पर जितना ज्यादा मेहनत करेंगे उतना ही अच्छा रिजल्ट आएगा उन्होंने कहा कि एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया नेशनल लेवल पर अंतर जिला एथलेटिक्स प्रतियोगिता कराती हैं इसका उद्देश्य ग्रासरूट्स पर एथलीट को तैयार करना होता है इस राष्ट्रीय अंतर जिला एथलेटिक्स चैंपियनशिप के मुख्य सूत्रधार एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्लानिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ ललित भनोट और पूर्व एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया अध्यक्ष श्री सुरेश कलमाडी को जाता है जिन्होंने इस प्रतियोगिता की नींव रखी। उन्होंने कहा कि हमारे बीच तीन महत्वपूर्ण समस्याएं आ रही हैं जिसमें पहला है डोपिंग दूसरा ओवरेज तीसरा ओवर ट्रेनिंग ।डोपिंग में उन्होंने कहा हम हर प्रतियोगिता में डोप टेस्ट को बढ़ा रहे हैं जिसमें नाडा हमारी पूर्ण सहयोग कर रही है दूसरा उन्होंने कहा हमारे बीच सबसे बड़ी समस्या ओवर ऐज की आ रही है जिसको हम लोग दूर कर रहे है इसके लिए हम लोग बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर है। तीसरा उन्होंने कहा कि हमारे यहां कोचेस के अनुभव नहीं होने के कारण एथलीट में ओवरट्रेनिंग की समस्या आ रही है जिसके निदान के लिए हम लोग लेवल वन कोचेस एवं लेवल टू कोचेस को अधिक से अधिक तैयार कर रहे है।
इसके पश्चात एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्लानिंग कमिटी के चेयरमैन डॉ ललित भनोट ने बताया कि एथलेटिक्स एसोसिएशन में जिला एसोसिएशन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है क्योंकि ग्रास रूट पर प्रतिभा का चयन जिला स्तर पर ही होता है उन्होंने बताया कि हम लोग ग्रास रूट पर ही मेहनत कर रहे हैं जिसके तहत हम लोग राष्ट्रीय अंतर जिला एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन करते हैं जिसमें भारत से लगभग 700 जिला इस प्रतियोगिता में भाग लेते हैं और यह प्रतियोगिता इसलिए महत्वपूर्ण बनती है कि जिला स्तर तक के खिलाड़ी इसमें अपने जिला से सीधे राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेते हैं। उन्होंने कहा के जिला स्तर पर कम से कम 20 टेक्निकल ऑफिशियल एवं 10 कोच होने चाहिए जिससे जिला में एथलेटिक्स प्रतियोगिता संभव हो सके और उस जिला में बच्चों को ट्रेनिंग करा सकें इसके लिए हम लोग प्री लेवल वन कोचेस का कोर्स कराने जा रहे हैं जिसके तहत पूर्व एथलीट,फिजिकल एजुकेशन टीचर या जिनके बच्चे एथलेटिक्स में रूचि रखते हो उनके अभिभावक भी है इस कोर्स को कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आप जिला स्तर पर प्रतिभा को तराशने की कोशिश कीजिए यदि हमसे कोई मदद हो तो हम अपनी टीम को उस जिला में टैलेंट आइडेंटिफिकेशन के लिए भेजेंगे और यदि आपके जिला में यदि कोई अच्छा एथलीट हो जिसकी हाइट अच्छी हो इंडोरेंस अच्छी हो तो आप हमसे सीधे संपर्क करें सकते है।

%d bloggers like this: