December 3, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

कोयला घोटाला कर कांग्रेस ने देश को 50 साल पीछे धकेला : संजय सेठ

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम है कोयला खदानों की नीलामी

राँची:- रांची के सांसद संजय सेठ ने कहा देश में घोटालो का नया कृति मान बनाने वाली और लंबे समय तक दीमक की तरह चाट कर देश को बर्बाद करने वाली कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का कोयला खदानो के नीलामी पर विरोध करना हास्य प्रद लगता है कांग्रेस को नहीं भूलना चाहिए कि कोयला घोटाले में उसने जो गड़बड़ी की थी वह इस देश की सबसे बड़ी गड़बड़ी थी ऐसा पहली बार हुआ था जब प्रधानमंत्री तक पर सीधे आरोप लगे थे कोयला खदानों के आवंटन से संबंधित फाइल प्रधानमंत्री कार्यालय से गायब हो गई थी यह सब कुछ कांग्रेस के शासन में हुआ इतना ही नहीं कांग्रेस के नेता तो या कहते रहे हैं कि ₹1 में 15 पैसा ही जनता तक पहुंचता है कुल मिलाकर कहे तो कांग्रेस का इतिहास घोटालो का ही इतिहास रहा है 2004 से 2009 तक के शासन में अवैध तरीके से कांग्रेस ने कॉल ब्लॉक का आवंटन किया जिसमें 10 लाख करोड़ रु से ज्यादा का नुकसान हुआ कोयले की मात्रा इतनी ज्यादा थी कि देश को 50 साल तक बिजली उपलब्ध कराई जा सकती थी परंतु कांग्रेस के कुकर्म के कारण देश आज इस स्थिति में पहुंचा है कोयला खदानों के नीलामी पर कॉन्ग्रेस का विरोध दरअसल देश के लिए नहीं है कांग्रेस घोटालो की इतनी आदि हो चुकी है कि उसे यहां भी घोटाला दिख रहा है लेकिन इन्हें विश्वास होना चाहिए कि देश सुरक्षित हाथों में है किसी भी कीमत पर कोई भी गड़बड़ी नहीं हो सकती है कोयला खदानों की नीलामी पर कॉन्ग्रेस और तमाम विपक्षी पार्टियों को बोलने का कोई नैतिक हक नहीं है क्योंकि कोयला घोटाला करके उन्होंने अपना मुंह खुद काला किया है
भारत प्रतिवर्ष डेढ़ लाख करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का कोयला आयात करता है कुछ मामलों में हमारी मजबूरी है जैसे कोकिंग कोल हमारे पास सीमित मात्रा में है इसलिए इसका आयात हम नहीं रोक सकते परंतु नन कोकिंग कोल का भंडार हमारे पास पर्याप्त है इसके बावजूद भी कोयले का आयात करना समझ से परे हैं एक तरह से कहूं तो या अपराध ही है भारत को कोयला उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने व्यवसायिक खनन के तहद नीलामी की प्रक्रिया शुरु की है अब तक उड़ीसा झारखंड छत्तीसगढ महाराष्ट्र मध्य प्रदेश में कुल 41 खदानों की नीलामी के लिए प्रस्तावित है जहां से सालाना अधिकतम 225 मिलियन टन कोयला उत्पात किया जा सकेगा कोयला उत्पादन में भारत आत्मनिर्भर बने इसके लिए सरकार ने कई सुरक्षित कदम उठाए हैं खदानों की नीलामी में भाग लेने के लिए कड़े मापदंड तय किए गए हैं खुद देश के प्रधानमंत्री इन मामलों में कई बार कह चुके हैं इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो सकती है इसलिए हम पर विश्वास करना चाहिए कोयला के क्षेत्र में निजी कंपनियो की भागीदारी हमारे लिए लाभदायक है इसे कोयला क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा होगी और इसका लाभ कहीं ना कहीं देश और संबंधित क्षेत्र को होगा केंद्र सरकार ने विश्वास दिलाया है कि संबंधित क्षेत्र और वहां के नागरिकों का भरपूर ख्याल रखा जाएगा हमें सरकार की बातों पर विश्वास करना चाहिए जिस पार्टी की अभी सरकार है उसका उद्देश सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रीय हित है कांग्रेस और तमाम घोटाले करने वाले इसके सहयोगी जनता को बरगलाने का काम कर रहे हैं परंतु जनता इनका सच जान चुकी है।

Recent Posts

%d bloggers like this: