November 26, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

सिल्क क्रांति को अंजाम देने में जुटी महिला किसान

रेशम की खेती के लिए महिलाओं को उच्च गुणवत्ता के बीज उत्पादन के टेस्टिंग का दिया जा रहा है प्रशिक्षण : रवि प्रकाश सिन्हा,

राँची:- लॉकडाउन 5.0 और अनलॉक 1.0 के बीच अर्थव्यवस्था को फिर से गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लगातार कई प्रयास किये जा रहे है। वहीं देश में सिल्क क्रांति के माध्यम से रोजगार के नये अवसर सृजन की भी कोशिश शुरू हो चुकी है।
झारखंड में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी, जेएसएलपीएस और केंद्र प्रायोजित महिला किसान सशक्तीकरण परियोजना, एमकेएसपी परियोजना के अंतर्गत महिला किसानों को रेशम की खेती के लिए उच्च गुणवत्ता के बीज उत्पादन के टेस्टिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
रेशम के कपड़े तो सबकी पसंद होती है, पर रेशम के कपड़े का धागा निर्माण की झारखंड में असीम संभावनाओं को देखते हुए जेएसएलपीएस द्वारा रेशम की खेती को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इस क्रांति के तहत सिल्क उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सिल्क उत्पादन भी कृषि का मुख्य अंग माना जाता है। आने वाले समय में राज्य की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही किसानों के लिए एक नये अध्याय की शुरुआत की गयी है। राज्य के पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में सिल्क उत्पादन की अच्छी संभावना को देखते हुए महिला किसानों को प्रशिक्षण के साथ ही आधुनिक सुविधाएं भी मुहैया करायी जा रही है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से यह जानकारी उपलब्ध करायी गयी है कि कई किसान पूर्व में भी प्रशिक्षण प्राप्त कर अच्छा मुनाफा अर्जित कर रहे है। वर्तमान में भारत का विश्व रेशम उत्पादन में चीन के बाद दूसरा स्थान है, लेकिन दूसरे स्थान पर होते हुए भी विश्व के कुल रेशम उत्पादन का मात्र 18 फीसदी ही उत्पादन करता है। आज के समय में सिल्क उत्पादन के क्षेत्र में किसानों को जागरूक करने और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए जरूरत को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

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